प्रयागराज बाढ़: मंत्री नन्दी ने लिया जायजा, पीड़ितों को मिली राहत!
योगी की टीम 11 एक्शन में: मंत्री नन्दी ने किया बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का दौरा
प्रयागराज में बाढ़ आपदा का विहंगम सर्वेक्षण: मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी ने मुख्यमंत्री योगी की टीम 11 के सदस्य के रूप में जमीनी हकीकत का जायजा लिया; बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों और राहत शिविरों का सघन निरीक्षण कर पीड़ितों को आश्वस्त किया
प्रयागराज, 03 अगस्त : उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों में आई भीषण बाढ़ की विभीषिका के मद्देनजर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा गठित 'टीम 11' के महत्वपूर्ण सदस्य और प्रदेश सरकार के औद्योगिक विकास मंत्री, नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी ने रविवार को प्रयागराज के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का सघन निरीक्षण किया। उनका यह दौरा बाढ़ पीड़ितों की वास्तविक स्थिति का आकलन करने और राहत कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर केंद्रित था। इस अवसर पर, मंत्री नन्दी ने स्वयं राहत शिविरों में जाकर बाढ़ से विस्थापित हुए लोगों से प्रत्यक्ष वार्ता की और उन्हें प्रदान की जा रही सुविधाओं की गुणवत्ता की गहन समीक्षा की। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि राहत शिविरों में पीने के पानी, पौष्टिक भोजन, निर्बाध विद्युत आपूर्ति, स्वच्छ शौचालय और समुचित साफ-सफाई जैसी मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता हर हाल में सुनिश्चित की जाए। मंत्री नन्दी ने बाढ़ पीड़ितों को इस संकट की घड़ी में 'डबल इंजन' सरकार की पूर्ण प्रतिबद्धता और सहयोग का आश्वासन भी दिया।

बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का मोटर बोट से सघन निरीक्षण: अपने दौरे की शुरुआत करते हुए, मंत्री नन्दी रविवार को बक्शी बांध पहुंचे और वहां से एक मोटर बोट का उपयोग करते हुए बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का विस्तृत जायजा लिया। उन्होंने दारागंज, बघाड़ा, सलोरी और गोविंदपुर जैसे कई अत्यधिक प्रभावित इलाकों का भ्रमण कर जल स्तर और जन-जीवन पर पड़ रहे प्रभाव को करीब से देखा। इस चुनौतीपूर्ण निरीक्षण के दौरान, उन्होंने उपस्थित अधिकारियों को बाढ़ से प्रभावित नागरिकों के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं तत्काल प्रभाव से सुनिश्चित करने हेतु दिशा-निर्देश जारी किए। मंत्री नन्दी ने सभी सम्बद्ध विभागों को 'एलर्ट मोड' पर रहने का कड़ा निर्देश देते हुए कहा कि ऐसी आपदा की स्थिति में विभागों के बीच पूर्ण समन्वय और तैयारियां अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार और स्थानीय प्रशासन ने बाढ़ पीड़ितों के लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की हैं और उनका स्वयं का यह दौरा बाढ़ पीड़ितों की समस्याओं को सुनने तथा उन्हें दी जा रही प्रशासनिक सहायता का प्रत्यक्ष आकलन करने के उद्देश्य से ही है।

राहत शिविरों में पीड़ितों से सीधी वार्ता और गुणवत्ता जांच: बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के विस्तृत भ्रमण के उपरांत, मंत्री नन्दी ने कम्पोजिट स्कूल, एलनगंज और रमा देवी गर्ल्स इंटर कॉलेज, मीरापुर में स्थापित बाढ़ राहत केन्द्रों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने प्रत्येक राहत शिविर में जाकर वहां शरण लिए हुए लोगों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत की, उनकी समस्याओं को धैर्यपूर्वक सुना और उन्हें प्रदान की जा रही सुविधाओं की गुणवत्ता के बारे में विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने विशेष रूप से यह सुनिश्चित किया कि राहत केन्द्रों में रह रहे लोगों को चाय, सुबह का नाश्ता, दोपहर व रात्रि का भोजन, बच्चों के लिए दूध और अन्य आवश्यक दैनिक उपयोग की वस्तुएं नियमित रूप से मिल रही हैं या नहीं।

खाद्य सामग्री और सूखा राशन किट का वितरण, समुचित व्यवस्था के निर्देश: निरीक्षण के क्रम में, मंत्री नन्दी ने स्वयं अपने हाथों से बाढ़ राहत केन्द्रों में प्रवास कर रहे लोगों को खाद्य सामग्री का वितरण किया, जिससे उनमें एक आत्मिक संतोष और सरकारी सहायता के प्रति विश्वास की भावना पैदा हुई। उन्होंने अधिकारियों को एक बार फिर कड़े निर्देश दिए कि भोजन, स्वच्छ पेयजल, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था और जीवनरक्षक दवाओं सहित अन्य सभी आवश्यक सुविधाओं को हर समय 'चुस्त-दुरुस्त' और प्रभावी बनाए रखा जाए। एक दूरदर्शी कदम के तहत, मंत्री नन्दी ने यह भी सुनिश्चित किया कि बाढ़ का पानी घटने के पश्चात् जब लोग अपने घरों को लौटें, तो उन्हें तत्काल किसी समस्या का सामना न करना पड़े। इसके लिए उन्होंने प्रत्येक परिवार को 'सूखा राशन किट' भी उपलब्ध कराई, जिसमें पर्याप्त मात्रा में अनाज और अन्य सूखा खाद्य पदार्थ शामिल थे, ताकि सामान्य जन-जीवन बहाल होने तक उन्हें भोजन की चिंता न करनी पड़े।

आपदा प्रबंधन की व्यापक तैयारी और बल की तैनाती: आपदा प्रबंधन की तैयारियों पर प्रकाश डालते हुए मंत्री नन्दी ने बताया कि बाढ़ की स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए प्रयागराज में कुल 88 बाढ़ चौकियां (निगरानी केंद्र) और 18 वृहद बाढ़ राहत शिविर स्थापित किए गए हैं। वर्तमान में इन राहत शिविरों में 6800 से अधिक बाढ़ प्रभावित लोग सुरक्षित शरण लिए हुए हैं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की प्रशिक्षित टीमें पूरी मुस्तैदी के साथ मौके पर तैनात हैं और बचाव व राहत कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। इसके अतिरिक्त, राज्य शासन द्वारा NDRF और SDRF की कई अतिरिक्त टीमों को भी प्रयागराज में भेजा गया है, ताकि किसी भी अप्रत्याशित स्थिति से तत्काल निपटा जा सके।

अफवाह फैलाने वालों और अवसर तलाशने वालों पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी: मंत्री नन्दी ने जोर देकर कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निरंतर मार्गदर्शन और स्थानीय प्रशासन व अधिकारियों की अथक मुस्तैदी तथा सक्रिय प्रयासों के कारण प्रयागराज में बाढ़ की स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है। उन्होंने यह भी बताया कि अधिकांश बाढ़ प्रभावित लोग सुरक्षा की दृष्टि से राहत शिविरों में आ चुके हैं, और जो कुछ लोग अभी भी अपने स्थानों पर ठहरे हुए हैं, उन्हें भी सुरक्षित राहत शिविरों में लाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। मंत्री नन्दी ने इस अवसर पर एक सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि आपदा की इस विषम परिस्थिति में कुछ असामाजिक तत्व 'मौका तलाशने' और सोशल मीडिया पर भ्रामक अफवाहें फैलाने का प्रयास कर सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे तत्वों पर प्रशासन की पैनी नजर है और उनके विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या भय का माहौल न बन सके।

उपस्थित अधिकारीगण: मंत्री नन्दी के इस विस्तृत निरीक्षण दौरे के दौरान जिलाधिकारी प्रयागराज मनीष वर्मा, अपर जिलाधिकारी (वित्त) श्रीमती विनिता सिंह, मुख्य विकास अधिकारी श्रीमती हर्षिका सिंह, एसडीएम सदर अभिषेक सिंह, डीसीपी नगर अभिषेक भारती सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे और उन्होंने मंत्री को जमीनी स्थिति से अवगत कराया।