हीवेट चौराहा हत्याकांड: बहू और महिला मित्र की तलाश में पुलिस की ताबड़तोड़ दबिश

हीवेट चौराहा हत्याकांड: बहू और महिला मित्र की तलाश में पुलिस की ताबड़तोड़ दबिश

हीवेट चौराहा हत्याकांड: बहू और महिला मित्र की तलाश में पुलिस की ताबड़तोड़ दबिश

प्रयागराज, 03 जून। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में स्थित कोतवाली थाना क्षेत्र के हीवेट रोड चौराहे स्थित वैश्य परिवार के चार सदस्यों की हत्या के सनसनीखेज मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (कानून व्यवस्था) डॉ. अजय पाल शर्मा ने बताया कि मामले में मृतक वीरेंद्र कुमार वैश्य के छोटे बेटे अश्विनी वैश्य की कथित पत्नी रीतु वैश्य तथा बड़े बेटे अभिषेक वैश्य की महिला मित्र की तलाश की जा रही है। पुलिस की कई टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं।

डॉ. शर्मा ने बताया कि इस संबंध में मुकदमा दर्ज कर विस्तृत जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि अश्विनी वैश्य वर्तमान में धोखाधड़ी के एक मामले में कौशाम्बी जेल में निरुद्ध है, जबकि उसके साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाली रीतु वैश्य जमानत पर बाहर है।

अतिरिक्त पुलिस आयुक्त ने कहा कि घटनास्थल से बरामद एक गत्ते पर हत्या के लिए "बहू और बंटी-बबली" को जिम्मेदार बताए जाने की बात सामने आई है, जिसे भी जांच के दायरे में रखा गया है। हालांकि पुलिस अभी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है और सभी पहलुओं की गहनता से पड़ताल कर रही है।

उन्होंने बताया कि घर से बरामद चौथे शव की पहचान को लेकर भी जांच जारी है। रिश्तेदार उसे अभिषेक वैश्य बता रहे हैं, लेकिन पोस्टमार्टम और अन्य औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद ही इसकी आधिकारिक पुष्टि की जा सकेगी।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मृतक वीरेंद्र कुमार वैश्य की हीवेट रोड स्थित संपत्ति की कीमत लगभग 15 करोड़ रुपये आंकी जा रही है। भवन में कुल 12 दुकानें हैं, जिनमें से अधिकांश किराए पर दी गई हैं। एक दुकान पर वीरेंद्र वैश्य और उनकी बेटी मीनाक्षी वैश्य बैठते थे। मीनाक्षी अविवाहित थीं।

पुलिस के अनुसार चारों की हत्या किसी धारदार हथियार से की गई प्रतीत होती है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जब तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस की आधिकारिक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक हत्या के कारणों और आरोपितों की भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।