डॉ. शाहीन अंसारी का प्रयागराज कनेक्शन क्या है ? प्रयागराज के मेडिकल कॉलेज से जुड़ा तार। जानिए पूरा मामला
प्रयागराज से MD करने वाली डॉक्टर शाहीन का 'डार्क सीक्रेट'
फरीदाबाद में एटीएस (एंटी-टेररिस्ट स्क्वाड) और जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा डॉ. शाहीन अंसारी की गिरफ्तारी ने प्रयागराज में भी हलचल मचा दी है, क्योंकि उसका संबंध इस शहर से भी रहा है। मूल रूप से लखनऊ की रहने वाली डॉ. शाहीन ने लगभग दस साल प्रयागराज में बिताए, जहाँ उन्होंने प्रतिष्ठित मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज से अपनी उच्च शिक्षा प्राप्त की। उन्होंने वर्ष 1996 में एमबीबीएस में दाखिला लिया और साढ़े पांच साल तक अध्ययन करने के बाद 2002 में अपनी एमबीबीएस की डिग्री पूरी की। इसके बाद, उन्होंने इसी संस्थान से वर्ष 2006 में फार्माकोलॉजी में एमडी (डॉक्टर ऑफ मेडिसिन) भी किया।
हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद डॉ. शाहीन का प्रयागराज से कोई विशेष जुड़ाव नहीं रहा है। इसके बावजूद, उनकी गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं और उनके प्रयागराज कनेक्शन की गहनता से जांच कर रही हैं। गोपनीय तरीके से उनके शैक्षणिक कार्यकाल और यहां के संपर्कों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
यह गिरफ्तारी दिल्ली में लाल किला के पास सोमवार शाम को हुए कार विस्फोट की घटना के बाद हुई है, जिसने पूरे देश में सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रहने के लिए प्रेरित किया है।
मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के रिकॉर्ड से पता चला है कि डॉ. शाहीन ने 1996 में एमबीबीएस कोर्स शुरू किया था और 2002 में पूरा किया। इसके बाद उन्होंने 2006 तक एमडी की पढ़ाई जारी रखी। वर्ष 2006 में एमडी की पढ़ाई पूरी होने के बाद से प्रयागराज से उनके किसी भी तरह के संबंध की जानकारी सामने नहीं आई है।
मेडिकल की पढ़ाई के दौरान, डॉ. शाहीन कॉलेज हॉस्टल में रहती थीं। फरीदाबाद में उनकी गिरफ्तारी की खबर सुनकर उनके पूर्व सहपाठी डॉक्टर भी स्तब्ध हैं। उनका कहना है कि पढ़ाई के दौरान डॉ. शाहीन का व्यवहार कभी भी संदिग्ध, नकारात्मक या कट्टरपंथी नहीं लगा था। वे अपने साथियों के साथ मिलनसार रहीं।
डॉ. शाहीन के प्रयागराज से मेडिकल की पढ़ाई पूरी करने की जानकारी सामने आने के बाद, खुफिया एजेंसियां और पुलिस प्रशासन पूरी तरह से सक्रिय हो गए हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, मेडिकल कॉलेज से संपर्क करके उनके अकादमिक रिकॉर्ड, साथ पढ़ने वाले छात्रों और अन्य प्रासंगिक जानकारी को इकट्ठा किया जा रहा है। इसका उद्देश्य डॉ. शाहीन की पृष्ठभूमि को लेकर अधिक से अधिक जानकारी प्राप्त करना है।
यह भी ध्यान देने योग्य है कि प्रयागराज का अतीत में भी आतंकवाद से जुड़ाव रहा है। वर्ष 2016 में वाराणसी के संकटमोचन मंदिर में हुए सीरियल बम ब्लास्ट मामले में फूलपुर निवासी आतंकी वलीउल्लाह का नाम सामने आया था, जिसे एटीएस ने 2022 में गिरफ्तार किया था। इसके अलावा, तीन साल पहले करेली निवासी जीशान को भी आतंकवाद के स्लीपर सेल में शामिल होने के आरोप में 2022 में गिरफ्तार किया गया था। उसके चाचा हुमेदुर रहमान को भी आतंकी संगठन से संबंध होने के आरोप में एटीएस ने पकड़ा था। इन घटनाओं के मद्देनजर, डॉ. शाहीन अंसारी की गिरफ्तारी ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है और वे किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए सतर्क हो गए हैं।