प्रतिष्ठा द्वादशी समारोह : 'सरजू के तीर आज खेलें रघुनन्दन बबुआ' गीत पर झूम उठे श्रोता
-देश हिन्दूराष्ट्र बन चुका है, अब जाग्रत अवस्था में ही रहें - जगतगुरु रामदिनेशाचार्य
अयोध्या, 01 जनवरी । श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा आयोजित द्वितीय प्रतिष्ठा द्वादशी महोत्सव के चौथे दिन गुरुवार को श्रीराम कथा मंच से जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी रामदिनेशाचार्य ने कहा कि देश हिन्दूराष्ट्र बन चुका है, अब जाग्रत अवस्था में ही रहें | कुछ समय पहले तक हिन्दू समाज सुप्तावस्था में था, कोई अयोध्या की तरफ आना पसंद नहीं करता था, वह स्थिति दोबारा न बने|
कथा व्यास ने श्रीराम जन्म से आगे कहते हुए कहा "जो आनंद सिंधु सुख रासी, सीकर ते त्रैलोक्य सुपासी" राम आनंद सिंधु हैं, उसका एक कण भी मिल जाये तो जीव के अंदर आनंद ही आनंद हो जाये |
उन्होंने कहा श्रीराम लला के दर्शन के लिए देर भी लगे तो चिंता मत करना, भोले बाबा औऱ महाज्ञानी कागभुशुंडि को इसी दर्शन के लिए अयोध्या की गलियों में 15 दिनों तक भीड़ में धक्के सहने पड़े| दोनों साथ इसलिए गए क्योंकि दोनों के इष्ट बालक राम है| बालक राम के दर्शन के लिए लीला करते हुए भोलेनाथ ज्योतिषी बने भीड़ जुटने लगी, क्योंकि समाज कर्म पर नहीं भाग्य पर यकीन करता है| यह सूचना कौशल्या के पास भी पहुंची तो वे भी भाग्य जानने के भ्रम से मुक्त नहीं रह सकी| ज्योतिषियों को नसीहत देते हुए कहा व्यक्ति का सुखद पक्ष बताना चाहिए, आज अधिकांश दुःखद पक्ष ही बताते हैं| यहां शिव ने बालक राम की शिक्षा, मुनियों के यज्ञ रक्षा व सुंदर वधू से विवाह की बात बताई| आगे की घटना पूछने पर मौन हो गए, कहा बाद में बताऊंगा| भक्ति के प्रभाव से कठिन परमात्मा भी सरल हो जाता है|
नामकरण संस्कार की कथा में कहा कि बालक राम ही ब्रह्म राम हैं औऱ वही दशरथ के पुत्र बन कर आए| बालक राम बड़े होने के साथ चारों भाइयों के साथ अयोध्यावासियों को बाल क्रीड़ा का आनंद देते है| संत प्रवर के गीत "सरजू के तीर आज खेलें रघुनन्दन बबुआ" के साथ भक्तगण भावविभोर हो झूम उठे|
चूड़ामणि संस्कार की चर्चा में सीख दी कि राजा दशरथ के बुलाने पर राम नहीं आये क्योंकि ताकत के बूते भगवान नहीं आते, भक्ति रुपी कौशल्या के बुलाने भगवान झूमते हुए आ पहुंचे| भक्ति के प्रभाव से स्वयं ब्रह्म गोद का बालक बन जाता है औऱ भक्ति को आनंदित करता है| यही आनंद देने धरती पर भगवान अवतार लेते है| अयोध्या में नित्य आनंद होने लगा| मन में बालक की अवस्था बनी रहे तो आनंद की अवस्था बनी रहती है इसके साथ ही तेरि मंद मंद मुसुकनियां पे बलिहारी राघव जू गीत ने सभी को भक्ति रस में सराबोर किया| बालकों के बड़े होने पर गुरु के यहां विद्याध्ययन के लिए भेजा गया, तक की कथा सुनाई|
कार्यक्रम मंच पर राम मंदिर ट्रस्ट महासचिव चम्पतराय, राजेंद्र सिंह पंकज, धनंजय पाठक, डॉ चंद्र गोपाल पाण्डेय, डॉ अनिल मिश्र, गोपाल, कप्तान केके तिवारी, स्वामी अंकित दास, यजमान नरेश गर्ग, नवल गुप्ता, दीपक त्रिपाठी, अरुणा गोयल, जेपी अरजरिया, ओमप्रकाश राठौर, मुन्नालाल गोयल, प्रणय मुद्दगल, हेमलता राठौर आदि मौजूद रहे|