मूंगफली की खेती से होगी किसानों की मौज: बुंदेलखंड और इससे सटे किसानों को होगा सर्वाधिक लाभ

मूंगफली की खेती से होगी किसानों की मौज: बुंदेलखंड और इससे सटे किसानों को होगा सर्वाधिक लाभ

मूंगफली की खेती से होगी किसानों की मौज: बुंदेलखंड और इससे सटे किसानों को होगा सर्वाधिक लाभ

लखनऊ, 19 जून । उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए खुशखबरी! योगी सरकार द्वारा मूंगफली की खेती को बढ़ावा देने से किसानों की आय में वृद्धि की अपार संभावनाएं हैं। विशेष रूप से, बुंदेलखंड और उसके आसपास के इलाकों के किसानों को इसका सबसे अधिक फायदा होगा।

मूंगफली, जिसे पोषक तत्वों से भरपूर होने के कारण "गरीबों का बादाम" भी कहा जाता है, एक बहुउपयोगी फसल है। यह न केवल दैनिक आहार का हिस्सा है, बल्कि व्रत के दौरान भी इसका सेवन किया जा सकता है। उत्तर प्रदेश, अपनी विशाल आबादी के साथ, मूंगफली के लिए एक बड़ा बाजार है और इसमें निर्यात की भी अपार क्षमता है।

इन संभावनाओं को देखते हुए, योगी सरकार लगातार मूंगफली की खेती को प्रोत्साहित कर रही है। सरकार के प्रयासों के फलस्वरूप पिछले एक दशक में उत्तर प्रदेश में मूंगफली की खेती का रकबा तेजी से बढ़ा है।

आंकड़ों में प्रगति:

डायरेक्टरेट ऑफ इकोनॉमिक्स एंड स्टैटिस्टिक्स, मिनिस्ट्री ऑफ एग्रीकल्चर एंड फार्मर्स वेलफेयर के आंकड़ों के अनुसार, 2013-2016 के दौरान, उत्तर प्रदेश का मूंगफली के कुल रकबे में योगदान केवल 2% था, जबकि उस समय देश में मूंगफली का उत्पादन लगभग 7.9 मिलियन टन था और उत्तर प्रदेश का कुल उत्पादन 0.1 मिलियन टन था।

योगी सरकार के प्रयासों से उत्पादन में ढाई गुना वृद्धि:

केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों के कारण उत्तर प्रदेश में मूंगफली का उत्पादन लगभग ढाई गुना बढ़कर 4.7% तक पहुंच गया है। यह उल्लेखनीय वृद्धि मुख्य रूप से बुंदेलखंड और उसके सीमावर्ती क्षेत्रों में हुई है। योगी सरकार का विशेष ध्यान बुंदेलखंड क्षेत्र पर है।

बुंदेलखंड पर विशेष ध्यान:

विश्व बैंक की सहायता से शुरू की गई "यूपी एग्रीज (उत्तर प्रदेश कृषि विकास और ग्रामीण उद्यम पारिस्थितिकी तंत्र सुदृढ़ीकरण)" परियोजना में बुंदेलखंड क्षेत्र के सभी सात जिले - झांसी, जालौन, ललितपुर, महोबा, हमीरपुर, बांदा और चित्रकूट शामिल हैं। इस परियोजना के तहत, योगी सरकार झांसी को मूंगफली के क्लस्टर के रूप में विकसित कर रही है, जिससे इसके निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। निर्यात से मिलने वाले अच्छे दामों का सीधा लाभ उत्पादक किसानों को होगा।

उत्तर प्रदेश के प्रमुख मूंगफली उत्पादक जिले:

उत्तर प्रदेश में मूंगफली का उत्पादन मुख्य रूप से बुंदेलखंड और उसके आसपास के जिलों में होता है। झांसी इस क्षेत्र में अग्रणी है। इसके अतिरिक्त, बांदा, हमीरपुर, महोबा, ललितपुर, मैनपुरी, हरदोई, इटावा, फर्रुखाबाद, कन्नौज, अलीगढ़, कासगंज, औरैया, कानपुर देहात, बदायूं, एटा, उन्नाव, लखनऊ, कानपुर नगर और श्रावस्ती जैसे जिले भी मूंगफली उत्पादन में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।

एमएसपी पर मूंगफली खरीद रही योगी सरकार:

किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिले और वे उत्पादन के लिए प्रोत्साहित हों, इसके लिए सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर मूंगफली की खरीद भी कर रही है। सरकार द्वारा घोषित एमएसपी 6,783 रुपये प्रति क्विंटल है। यह सुनिश्चित करता है कि किसानों को उनकी मेहनत का सही फल मिले और वे आत्मनिर्भर बन सकें।

निष्कर्ष:

योगी सरकार के इन प्रयासों से उत्तर प्रदेश के किसानों, खासकर बुंदेलखंड क्षेत्र के किसानों के जीवन में समृद्धि आएगी। मूंगफली की खेती को बढ़ावा देने से न केवल किसानों की आय बढ़ेगी, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी। सरकार की योजनाओं और किसानों की मेहनत से यह सुनिश्चित है कि "मूंगफली की खेती से होगी किसानों की मौज!