भ्रष्टाचार के आरोपित निकांत जैन को न्यायालय से मिली राहत
भ्रष्टाचार के आरोपित निकांत जैन को न्यायालय से मिली राहत
लखनऊ, 10 फ़रवरी। इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ बेंच ने मंगलवार को कारोबारी निकांत जैन को राहत देते हुए उन पर लगे अवैध वसूली और भ्रष्टाचार के आरोपों को रद्द कर दिया है। न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि उपलब्ध कराये गए सबूतों के आधार पर भारतीय न्याय संहिता और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रथमदृष्टया कोई अपराध नहीं बनता है। इसके साथ न्यायालय ने 15 मई 2025 को दाखिल चार्जशीट और 17 मई 2025 को तलबी आदेश को निरस्त कर दिया है। मुकदमा रद्द होने के बाद अब यह उम्मीद है कि निलंबित चल रहे आईएएस अभिषेक प्रकाश बहाल हो सकते हैं।
यह पूरा मामला सोलर पावर परियोजना से जुड़ा था। इस मामले में 20 मार्च 2025 को गोमतीनगर थाना में एफआईआर दर्ज की गई थी। कंपनी के प्रतिनिधि ने अपनी शिकायत में कहा सोलर मैन्युफैक्चरिंग परियोजना की मंजूरी के लिए परियोजना लागत के पांच प्रतिशत की रिश्वत मांगी गई थी। आरोपित निकांत जैन ने न्यायालय में अपना पक्ष रखते हुए इन आरोपों को निराधार बताया था। कथित एक करोड़ रुपये की कोई बरामदगी भी नहीं हुई। मामले में सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता ने स्वयं स्वीकार किया है कि शिकायत गलतफहमी के आधार दर्ज करायी गई थी।