माघ मेला 2026 का शंखनाद: संगम तट पर भव्य गंगा पूजन के साथ तैयारियों का हुआ श्रीगणेश

माघ मेला 2026 का शंखनाद: संगम तट पर भव्य गंगा पूजन के साथ तैयारियों का हुआ श्रीगणेश

माघ मेला 2026 का शंखनाद: संगम तट पर भव्य गंगा पूजन के साथ तैयारियों का हुआ श्रीगणेश

प्रयागराज। धर्म, अध्यात्म और आस्था के विश्व के सबसे बड़े वार्षिक आयोजन, माघ मेले के 2026 संस्करण का शंखनाद हो गया है। प्रयागराज में संगम की पवित्र रेती पर 3 जनवरी 2026 से 15 फरवरी तक आयोजित होने वाले इस भव्य मेले की तैयारियों का शुभारंभ बुधवार को संगम तट पर विधि-विधान से किए गए गंगा पूजन के साथ हुआ। इस पारंपरिक अनुष्ठान के माध्यम से मेले के निर्विघ्न और सकुशल संपन्न होने के लिए माँ गंगा, यमुना और अदृश्य माँ सरस्वती से प्रार्थना की गई।

वैदिक मंत्रोच्चार के बीच आस्था का संगम

संगम तट पर यह आयोजन आस्था और भक्ति के एक अद्भुत संगम का साक्षी बना। तीर्थ पुरोहितों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूरे विधि-विधान से पूजन संपन्न कराया। इस अवसर पर माँ गंगा का दुग्धाभिषेक (दूध से अभिषेक) किया गया और संगम के किनारे एक भव्य महाआरती का आयोजन हुआ, जिसकी दिव्यता ने वहां मौजूद सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। ढोल-नगाड़ों और घंटियों की ध्वनि के बीच "हर हर गंगे" के जयकारों से पूरा वातावरण गुंजायमान हो उठा।

प्रशासन और संत समाज की संयुक्त उपस्थिति

इस महत्वपूर्ण पूजन समारोह में मेले के आयोजन की जिम्मेदारी संभालने वाला पूरा प्रशासनिक अमला यजमान के रूप में शामिल हुआ। कमिश्नर सौम्या अग्रवाल, जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा, प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) के उपाध्यक्ष व मेला अधिकारी ऋषि राज, अपर मेलाधिकारी दयानंद प्रसाद और पुलिस कमिश्नर जोगिंदर कुमार सहित मेले की तैयारी से जुड़े सभी वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

प्रशासन के साथ-साथ संत समाज ने भी इस पूजन में अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। शहर के मेयर उमेश चंद्र गणेश केसरवानी, श्रीमठ बाघम्बरी गद्दी के पीठाधीश्वर महंत बलवीर गिरी और अखिल भारतीय दंडी संन्यासी परिषद के अध्यक्ष स्वामी ब्रह्माश्रम महाराज समेत कई प्रमुख संत-महात्मा और तीर्थ पुरोहित इस पावन अवसर के साक्षी बने।

परंपरा का निर्वहन और तैयारियों में तेजी

प्रत्येक वर्ष माघ मेले का आयोजन शुरू करने से पहले गंगा पूजन करने की एक सुदृढ़ परंपरा रही है। यह पूजन न केवल एक आध्यात्मिक अनुष्ठान है, बल्कि यह इस बात का भी प्रतीक है कि अब मेले की तैयारियां धरातल पर तीव्र गति से आरंभ हो जाएंगी। इस पूजन के बाद ही तंबुओं का शहर बसाने, चकर्ड प्लेटें बिछाने, बिजली-पानी की व्यवस्था करने और अन्य ढांचागत कार्यों में तेजी लाई जाती है।

जिलाधिकारी ने बताई विस्तृत कार्ययोजना

इस अवसर पर प्रयागराज के जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने मीडिया को संबोधित करते हुए मेले की तैयारियों पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा, "आज मंडलायुक्त महोदया, सभी प्रशासनिक अधिकारियों और संत-महात्माओं की उपस्थिति में गंगा पूजन संपन्न हुआ है। हमने माँ गंगा से प्रार्थना की है कि आगामी माघ मेला सकुशल एवं निर्विघ्न संपन्न हो और यहां आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की कोई कठिनाई न हो।"

उन्होंने आगे बताया, "मेले के सफल आयोजन के लिए एक व्यापक कार्ययोजना तैयार की गई है। शहर के बाहरी और आंतरिक ट्रैफिक प्रबंधन को लेकर विस्तृत बैठकें और ब्रेनस्टॉर्मिंग सत्र आयोजित किए गए हैं। रेलवे, परिवहन विभाग और पड़ोसी जिलों के अधिकारियों के साथ भी समन्वय स्थापित किया गया है। शहर में प्रवेश करने वाले सभी प्रमुख मार्गों पर पर्याप्त पार्किंग स्थल चिन्हित कर लिए गए हैं, जिन पर निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है और यह समय पर पूरा हो जाएगा। दिसंबर का पूरा महीना हमारी योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए समर्पित रहेगा। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए हमारा इमरजेंसी कंटिंजेंसी प्लान भी तैयार है और सभी संसाधनों का सर्वोत्तम उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा।"

माघ मेला 2026: एक नजर में

44 दिनों तक चलने वाले इस मेले में धर्म और अध्यात्म की अविरल धारा बहेगी। मेले का शुभारंभ 3 जनवरी 2026 को पौष पूर्णिमा के पहले स्नान पर्व के साथ होगा। इसी दिन से हजारों कल्पवासी एक महीने के कठिन कल्पवास का संकल्प भी लेंगे।

मेले के प्रमुख स्नान पर्व इस प्रकार हैं:

  • दूसरा स्नान: 15 जनवरी, मकर संक्रांति
  • तीसरा स्नान: 18 जनवरी, मौनी अमावस्या (प्रमुख शाही स्नान)
  • चौथा स्नान: 23 जनवरी, बसंत पंचमी
  • पांचवां स्नान: 01 फरवरी, माघी पूर्णिमा (इस दिन कल्पवास का समापन होगा)
  • अंतिम स्नान: 15 फरवरी, महाशिवरात्रि (इसी के साथ मेले का औपचारिक समापन होगा)

गंगा पूजन के सफल आयोजन के साथ ही प्रशासन और संत समाज ने मिलकर यह संदेश दिया है कि वे विश्व भर से आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं के स्वागत और उनकी सुविधा के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं।