जल जीवन मिशन की टंकियां बनीं सफेद हाथी, चार दिनों से ठप जलापूर्ति से ग्रामीण परेशान
जल जीवन मिशन की टंकियां बनीं सफेद हाथी, चार दिनों से ठप जलापूर्ति से ग्रामीण परेशान
औरैया, 31 अक्टूबर उत्तर प्रदेश में औरैया जिले में जल जीवन मिशन के तहत हर घर जल योजना का सपना अब हकीकत में दूर की कौड़ी साबित हो रहा है। सरकार भले ही हर ग्राम पंचायत में पेयजल टंकियां बनवाकर जलापूर्ति सुनिश्चित कराने के बड़े-बड़े दावे कर रही हो, मगर हकीकत यह है कि ये टंकियां अब सफेद हाथी बनकर रह गई हैं।
बीते चार दिनों से लगातार हो रही बारिश के चलते सौर ऊर्जा से चलने वाली जलापूर्ति ठप पड़ी है। सोलर चार्जिंग न होने की स्थिति में जनरेटर से जलापूर्ति की व्यवस्था तो कागजों पर दर्ज है, मगर हकीकत में ये जनरेटर महीनों से बंद पड़े हैं। नतीजतन ग्रामीण इलाकों में लोग बूंद-बूंद पानी को तरस रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, औरैया जिले के लगभग सभी विकासखंडों की ग्राम पंचायतों में पानी की टंकियां बनाकर जलापूर्ति शुरू की गई थी। योजना के तहत सौर ऊर्जा से चार्जिंग होने पर मोटरें चलती हैं और गांवों में पानी की आपूर्ति की जाती है। लेकिन खराब मौसम में जब सोलर चार्जिंग नहीं हो पाती, तो जनरेटर से सप्लाई करने का प्रावधान किया गया था। इसके बावजूद डीजल की उपलब्धता न होने के कारण जनरेटर नहीं चलाए जा रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कई दिनों से जलापूर्ति ठप है और अधिकारियों को लगातार शिकायत करने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही है। ऐमा सेंगनपुर ग्राम पंचायत के प्रधान इमरान खान ने बताया कि खराब मौसम में डीजल भेजकर जनरेटर से जलापूर्ति शुरू करने का आश्वासन दिया गया था, मगर अब तक जमीनी स्तर पर कोई कार्यवाही नहीं हुई।
स्थानीय निवासी मुलायम सिंह यादव ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं कराया गया, तो ग्रामीणों को एकजुट कर निर्णायक आंदोलन शुरू किया जाएगा।
सरकार की महत्वाकांक्षी हर घर जल योजना की यह स्थिति अब जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े कर रही है। ग्रामीणों की पीड़ा और प्रशासन की उदासीनता के बीच जल जीवन मिशन की ये टंकियां वास्तव में सिर्फ सजावट का सामान बनकर रह गई हैं।
इस सम्बंध में जलनिगम के जेई रविकांत ने बताया कि पिछले चार पांच दिन से मौसम खराब है। आज से सभी जगह डीजल डलवाकर जनरेटर से पानी की सप्लाई शुरू कराई जाएगी।