ऑनलाइन इनवेस्टमेंट व बेटिंग ऐप के जरिए साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश, दो गिरफ्तार

ऑनलाइन इनवेस्टमेंट व बेटिंग ऐप के जरिए साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश, दो गिरफ्तार

ऑनलाइन इनवेस्टमेंट व बेटिंग ऐप के जरिए साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश, दो गिरफ्तार

जौनपुर, 03 मई । उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। साइबर थाना पुलिस ने ऑनलाइन इनवेस्टमेंट और बेटिंग ऐप के माध्यम से करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है।

इस मामले में अपर पुलिस अधीक्षक शहर आयुश श्रीवास्तव ने रविवार को बताया कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कुँवर अनुपम सिंह के निर्देशन में क्षेत्राधिकारी सदर देवेश सिंह की निगरानी में साइबर क्राइम थाना को सूचना मिली थी कि संगठित गिरोह बनाकर लोगों से इनवेस्टमेंट के नाम पर ठगी की जा रही है। जांच के दौरान साइबर क्राइम पोर्टल, एनसीआरपी पोर्टल व इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से गिरोह का खुलासा किया गया। आरोपित बनारस में किराये का कार्यालय बनाकर टेलीग्राम व अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों को अधिक मुनाफे का लालच देकर फर्जी इनवेस्टमेंट और ट्रेडिंग स्कीम में फंसाते थे। शुरुआत में छोटे निवेश पर लाभ दिखाकर पीड़ितों से बड़ी रकम निवेश कराई जाती थी। इसके बाद ठगी की रकम अपने और परिचितों के खातों में मंगाकर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर निकासी कर ली जाती थी।

एएसपी शहर ने बताया कि गिरफ्तार आरोपितों में कृष्णा सिंह (22) निवासी नेवढ़िया थाना क्षेत्र और रामप्रताप सिंह (34) निवासी चंदवक थाना क्षेत्र शामिल हैं। दोनों के खिलाफ एनसीआरपी पोर्टल पर विभिन्न राज्यों से कुल 61 शिकायतें दर्ज हैं, जिनमें लगभग 30 करोड़ रुपये की साइबर ठगी का आरोप है। अब तक जांच में करीब 70 लाख रुपये की धनराशि खातों में मंगाकर निकासी करने के साक्ष्य मिले हैं। आरोपितों के कब्जे से दो मोबाइल फोन, पांच लैपटॉप, पांच फर्जी आधार कार्ड तथा विभिन्न खातों में होल्ड करीब 20 लाख रुपये बरामद किए हैं। मामले में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। साथ ही अन्य राज्यों से समन्वय स्थापित कर गिरोह के नेटवर्क और संपत्तियों की जांच भी की जा रही है।