रानी कपूर की झूठी गवाही मामले में प्रिया कपूर की याचिका पर हाई कोर्ट ने जवाब मांगा

रानी कपूर की झूठी गवाही मामले में प्रिया कपूर की याचिका पर हाई कोर्ट ने जवाब मांगा

रानी कपूर की झूठी गवाही मामले में प्रिया कपूर की याचिका पर हाई कोर्ट ने जवाब मांगा

नई दिल्ली, 11 फ़रवरी । दिल्ली उच्च न्यायालय ने दिवंगत उद्योगपति संजय कपूर की पत्नी प्रिया कपूर की ओर से अपनी सास रानी कपूर पर झूठी गवाही देने का आरोप लगाने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए रानी कपूर को नोटिस जारी किया है। जस्टिस मिनी पुष्करणा की बेंच ने मामले की अगली सुनवाई 23 मार्च को करने का आदेश दिया। 23 मार्च को ही संजय कपूर की संपत्ति विवाद से जुड़े दूसरे मामलों पर भी सुनवाई होनी है।

सुनवाई के दौरान प्रिया कपूर के वकील अखिल सिब्बल ने कहा कि रानी कपूर के केस में लगाए गए कई आराेप पूरी तरह झूठे हैं। प्रिया कपूर के वकील मनिंदर सिंह ने कहा कि झूठी गवाही देना एक अपराध है और ये फर्जीवाड़ा की श्रेणी में आता है। रानी कपूर ने शपथ लेकर झूठ बोला है।

सुनवाई के दौरान रानी कपूरी के वकील स्मृति चूड़ीवाल ने याचिका का विरोध करते हुए इसके सुनवाई योग्य होने पर सवाल उठाया। सुनवाई के दौरान रानी कपूर के वकील का रानी कपूर की एक पोती (मंदिरा कपूर की बेटी) ने भी समर्थन किया।

बता दें कि, 10 फरवरी को उच्च न्यायालय ने इस विवाद के सभी पक्षकारों से कहा था कि वे विवाद का समाधान मध्यस्थता से करें। कोर्ट ने कहा था कि इस मामले में एक-दूसरे पर खुलेआम कीचड़ उछाले जा रहे हैं।

कोर्ट ने कहा था कि इस विवाद से सभी पक्षों का नुकसान हो रहा है। ये शुक्र है कि भगवान ने अच्छी दौलत दी है। इस वरदान को अभिशाप में नहीं बदलने देना चाहिए। विवाद को सुलझाने में सभी पक्षों की ओर से कोशिश की जानी चाहिए। रानी कपूर खुद बुजुर्ग हैं। कोई भी व्यक्ति अपने जीवनकाल में अपनी संतान को नहीं खोना चाहता। संजय कपूर के जाने से प्रिया कपूर भी भुगत रही हैं।

दरअसल, संजय कपूर की मां रानी कपूर ने पारिवारिक ट्रस्ट आरके फैमिली ट्रस्ट को भंग करने की मांग की है। उच्च न्यायालय इस याचिका पर सुनवाई करते हुए प्रिया कपूर को नोटिस जारी कर चुका है। रानी कपूर ने अपनी याचिका में कहा है कि आरके फैमिली ट्रस्ट के गठन और उसके प्रबंधन की परिस्थितियां सवालों के घेरे में हैं। याचिका में कहा गया है कि आरके फैमिली ट्रस्ट का गठन बिना याचिकाकर्ता की जानकारी या सहमति के किया गया। इसी वजह से याचिकाकर्ता को ट्रस्ट से बाहर कर दिया गया। ट्रस्ट की सारी संपत्ति उनकी थीं लेकिन ट्रस्ट का गठन करते समय उन्हें सूचना तक नहीं दी गई। ट्रस्ट के गठन के समय उन्हें हार्ट का स्ट्रोक आया था जिसकी वजह से उनकी तबीयत खराब थी।

उच्च न्यायालय में पहले ही एक याचिका दायर की जा चुकी है जिसमें संजय कपूर की 30 हजार करोड़ रुपये की संपत्ति में करिश्मा कपूर के बच्चों ने हिस्सेदारी की मांग की है। उच्च न्यायालय उनकी याचिका पर फैसला सुरक्षित रख चुका है। याचिका में करिश्मा कपूर के बच्चों ने मांग की है कि उन्हें संजय कपूर का प्रथम श्रेणी का उत्तराधिकारी घोषित किया जाए और संजय कपूर की संपत्ति में से उन्हें पांचवें हिस्से का अधिकार दिया जाए। याचिका में अंतरिम मांग की गई है कि याचिका के निस्तारण तक संजय कपूर की व्यक्तिगत संपत्तियों को फ्रीज किया जाए।