मुरादाबाद में झमाझम बारिश से लुढ़का पारा, भीषण गर्मी से मिली बड़ी राहत
मुरादाबाद में झमाझम बारिश से लुढ़का पारा, भीषण गर्मी से मिली बड़ी राहत
मुरादाबाद, 22 जून । मुरादाबाद शहर और आसपास के इलाकों में रविवार की सुबह से लेकर दोपहर तक रुक रुक कर हुई बारिश ने मौसम का मिजाज पूरी तरह से बदल दिया है। पिछले लगभग दो सप्ताह से जिस भीषण और उमस भरी गर्मी से लोग त्रस्त थे, इस बारिश ने उन्हें बड़ी राहत दी है। तापमान में आई गिरावट और हवा में घुली ठंडक ने लोगों के चेहरों पर सुकून लौटाया है।
जिले में पिछले कई दिनों से गर्मी का प्रकोप जारी था। शुक्रवार को तो तेज धूप ने तापमान को और भी बढ़ा दिया था, जिससे दिन और रात दोनों समय गर्मी असहनीय हो गई थी। शनिवार को हालांकि आसमान में कभी बादल छाए तो कभी धूप निकली, जिससे मौसम ने थोड़ी आंख मिचोली की, लेकिन गर्मी का असर बना रहा।
रविवार की सुबह करीब 10 बजे मौसम ने करवट ली और बूंदाबांदी शुरू हो गई। यह बूंदाबांदी रुक रुक कर दोपहर दो बजे तक जारी रही। हालांकि, इसके बाद बारिश थम गई, लेकिन आसमान में अभी भी काले घने बादल छाए हुए हैं, जिससे मौसम सुहावना बना हुआ है और आगे और बारिश की संभावना बनी हुई है। इस बारिश के चलते मुरादाबाद का न्यूनतम तापमान गिरकर 26 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो कि पिछले दिनों की तुलना में एक बड़ी गिरावट है।
मौसम विशेषज्ञ डॉ. एके सिंह ने इस बारिश को मॉनसून के आगमन का पूर्व संकेत बताया है। उन्होंने कहा कि पिछले 15 दिनों से मुरादाबाद में भीषण गर्मी पड़ रही थी, जिसके कारण इन दिनों में न्यूनतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। यह बारिश उसी गर्मी का असर कम करने में सहायक होगी। शनिवार को बादल और धूप की लुकाछिपी के बाद रविवार सुबह हुई बूंदाबांदी ने मौसम में उल्लेखनीय परिवर्तन लाया है। उन्होंने बताया कि तपिश भरी गर्मी झेल रहे लोगों को आने वाले कुछ दिनों तक गर्मी से राहत मिलती रहेगी।
डॉ. सिंह के अनुसार, आने वाले दिनों में भी मौसम मेहरबान रह सकता है। सोमवार, मंगलवार और बुधवार को भी मुरादाबाद में बादल छाए रहने और हल्की फुल्की बूंदाबांदी होने की संभावना है। हालांकि, उन्होंने विशेष रूप से गुरुवार को तेज बारिश होने का अनुमान जताया है। यदि गुरुवार को पूर्वानुमान के अनुसार अच्छी बारिश होती है, तो मुरादाबाद के अधिकतम और न्यूनतम तापमान में दो-दो डिग्री सेल्सियस की और कमी आ सकती है, जिससे मौसम और भी खुशनुमा हो जाएगा। इस बारिश ने किसानों के चेहरे पर भी खुशी ला दी है, क्योंकि यह फसलों के लिए भी फायदेमंद साबित हो सकती है।