कांग्रेस कार्यालय में मनायी गयी गांधी और शास्त्री की जयंती

कांग्रेस कार्यालय में मनायी गयी गांधी और शास्त्री की जयंती

कांग्रेस कार्यालय में मनायी गयी गांधी और शास्त्री की जयंती

लखनऊ, 02 अक्टूबर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के माल एवेन्यू स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय पर गुरूवार को अहिंसा के प्रखर प्रणेता महात्मा गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री एवं महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, संविधान सभा के सदस्य, सांसद रहे मसूरिया दीन पासी की जयंती मनायी गयी। इस अवसर पर पूर्व मंत्री राज बहादुर की अध्यक्षता में एक गोष्ठी आयोजित की गई।

गोष्ठी के प्रारंभ से पहले राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, देश के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री एवं महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी मसूरिया दीन पासी के चित्रों पर माल्यार्पण कर अपनी कृतज्ञता ज्ञापित की गई।

पूर्व मंत्री राजबहादुर सिंह ने संगोष्ठी को सम्बोधित करते हुए कहा कि महात्मा गांधी सत्य व अहिंसा के उपासक थे। उन्होंने पूरे विश्व को सिखाया कि बडे़ से बड़ा संघर्ष भी बिना हिंसा के लड़ा जा सकता है। उनका जीवन सादगी, त्याग और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। उन्होंने समाज में व्याप्त अस्पृश्यता, जातिवाद और भेदभाव के विरूद्ध संघर्ष कर समाज सुधार का मार्ग प्रशस्त किया। आज की पीढ़ी और खासकर कांग्रेसजनों को गांधी को पढ़ना ही नहीं बल्कि अपने जीवन में उनका अनुसरण भी करना चाहिए।

संगोष्ठी को सम्बोधित करते हुए उ0प्र0 कांग्रेस मीडिया विभाग के चेयरमैन डॉ. सी.पी. राय ने कहा कि गांधी का व्यक्तित्व सत्य और अहिंसा के अपने सिद्धांतों पर दृढ़ रहते हुए संघर्ष किया और अपने जीवनकाल में असफलताओं से कभी विचलित नहीं हुए। मोहनदास से गांधी तक का सफर आसान नहीं था। सत्य अहिंसा की दृढ़ता के साथ भारत वर्ष ही नहीं समूचे विश्व में पूजे जाने वाले महात्मा गांधी जैसा व्यक्तित्व न पिछली दो शताब्दी में पैदा हुआ और न आगे पैदा होने की सम्भावना ही दिखती है। आज की पीढ़ी को कांग्रेसजनों को गांधी के व्यक्तित्व से प्रेरणा लेने की जरूरत है।

आयोजित संगोष्ठी में पूर्व विधायक सतीश अजमानी, श्याम किशोर शुक्ला, उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निवर्तमान कोषाध्यक्ष शिव पाण्डेय एवं प्रो0 विनोद चन्द्रा, अनीस अंसारी एवं श्रीप्रकाश मिश्रा पूर्व आईएएस, सभाजीत यादव पूर्व न्यायाधीश ने भी राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के व्यक्तित्व और नैतिक व्यवहार और संस्मरणों को विस्तार से कांग्रेसजनों को बताया।