प्रदेश के कई जिलाें के न्यायालयाें काे बम से उड़ाने की धमकी के बाद चला चेकिंग अभियान
प्रदेश के कई जिलाें के न्यायालयाें काे बम से उड़ाने की धमकी के बाद चला चेकिंग अभियान
लखनऊ, 16 फरवरी। उत्तर प्रदेश में वाराणसी, लखनऊ आजमगढ़ समेत 18 जिलों के जिला न्यायालयाें को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। इसके बाद जिला और पुलिस प्रशासन ने डॉग स्क्वायड और बम निरोधक दस्ता ने पूरे परिसराें में सघन चेकिंग अभियान चलाया, लेकिन कोई भी आपत्तिजनक या विस्फाेटक सामग्री नहीं मिली है। न्यायालयाें परिसराें में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
साेमवार काे धमकी का ईमेल मिलने के बाद लखनऊ की वजीरगंज थाना पुलिस ने बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वायड के साथ पूरे न्यायलय परिसर में चेकिंग अभियान चलाया। कचहरी के प्रत्येक रास्तों पर चेकिंग की गई, लेकिन कोई वस्तु नहीं मिली है। कचहरी परिसर में सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गये हैं।
इसी तरह वाराणसी में दो दिन पहले जिला जज के आधिकारिक ईमेल पर कचहरी परिसर को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद सोमवार को कचहरी खुलते ही पूरे न्यायालय परिसर में डाॅग स्क्वायड एवं बम डिस्पोजल दस्ते ने सघन छानबीन की। न्यायालय परिसर के प्रवेश द्वारों से लेकर विभिन्न भवनों और पार्किंग क्षेत्र तक सुरक्षा एजेंसियों ने बारीकी से जांच की। पुलिस अधिकारियों ने परिसर में मौजूद अधिवक्ताओं, कर्मचारियों और आम नागरिकों से अपील की कि किसी भी प्रकार की संदिग्ध वस्तु या गतिविधि दिखाई देने पर तत्काल पुलिस को सूचित करें। कैंट थाना प्रभारी ने बताया कि उच्चाधिकारियों के निर्देश पर पूर्वाह्न 10:30 बजे से एसीपी कैंट के नेतृत्व में सर्च अभियान चलाया गया।
आजमगढ़ जिले में भी दीवानी न्यायालय परिसर को बम से उड़ाने की धमकी के बाद पुलिस-प्रशासन ने कैंपस को खाली कराकर सघन तलाशी अभियान चलाया। जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि दीवानी न्यायालय कचहरी काे बम से उड़ाने की धमकी ईमेल पर दी गई। एहतियातन ताैर पर पूरे न्यायालय परिसर को तत्काल खाली कराया गया और मौजूद अधिवक्ताओं, कर्मचारियों व फरियादियों को सुरक्षित स्थान से बाहर निकाला गया। बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वायड की टीमाें ने हर जगह गहन जांच की, लेकिन काेई संदिग्ध वस्तु अभी मिली नहीं है।
इसके अलावा मेरठ, अलीगढ़ अमरोहा सहित अन्य कई जिलों में भी धमकी के बाद न्यायालय परिसराें में में सघन चेकिंग अभियान चलाया गया है। धमकी वाले ईमेल की भी जांच के लिए सुरक्षा एजेंसियां और एटीएस, यूपी एसटीएफ सक्रिय है।