lलोकगायक गोपाल राय ने एनडीए के चुनावी अभियान को बनाया 'सुरीला'

lलोकगायक गोपाल राय ने एनडीए के चुनावी अभियान को बनाया 'सुरीला'

lलोकगायक गोपाल राय ने एनडीए के चुनावी अभियान को बनाया 'सुरीला'

बक्सर, 01 नवम्बर । बिहार विधानसभा चुनाव में इस बार एनडीए गठबंधन ने भोजपुरी के दिग्गज लोक कलाकारों को अपने पाले में कर एक नया दांव चला है। एनडीए ने न सिर्फ भोजपुरी कलाकारों को चुनावी राजनीति के मैदान में सीधे उतारकर जनता के बीच जुड़ाव बनाने की कोशिश की है, बल्कि प्रचार में भी उनकी लोकप्रियता को भुनाने का प्रयास किया है। इन्हीं में से एक हैं मशहूर भोजपुरी गायक गोपाल राय, जो यूपी से सटे जिलों में एनडीए उम्मीदवारों के पक्ष में हवा बनाने में जुटे हैं।

एनडीए की रणनीति पर राजनीतिक जानकारों का मानना है कि लोक कलाकारों की लोकप्रियता ग्रामीण वोटरों में खास असर डाल सकती है। भोजपुरिया समाज में गोपाल राय जैसे गायकों की गहरी पैठ है, जो पार्टी के लिए वोटों में तब्दील हो सकती है।

गोपाल राय ने अपने प्रचार की शैली के बारे में बताया कि वे जनसभाओं के साथ-साथ गीतों के जरिए भी संदेश पहुंचाएंगे। उन्होंने मुस्कराते हुए कहा। हमारे गाने ही हमारी आवाज़ हैं। चुनाव में भी जनता से उसी भाषा में बात करेंगे, जो उनके दिल तक पहुंचे।

बक्सर जिले की विधानसभा सीट ब्रह्मपुर में एनडीए प्रत्याशी हुलास पाण्डेय और सदर से भाजपा के आनंद मिश्र के लिए सुरीला चुनाव प्रचार कर रहे मशहूर भोजपुरी लोक गायक गोपाल राय का कहना है कि वे राजनीति को 'सेवा का नया मंच' मानते हैं। गोपाल राय ने कहा, 'हम जब गाना गाते हैं, तो जनता का दर्द, उसकी खुशी और उसकी उम्मीद गाते हैं। जो नरेंद्र मोदी और नीतीश की नीतियों में झलकता भी है। कहा कि मैथिली ठाकुर जैसे कलाकार जो यूपी और बिहार की सांझी संस्कृति और परम्पराओं को बचाने में अपना जीवन खपा रहे हैं, अब उनके लिए जनता की सेवा करने का समय आया है। इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। क्योंकि राजनीति हम कलाकारों के लिए पावर नहीं, जिम्मेदारी है।

भोजपुरी गीत-संगीत जगत में अपनी स्वस्थ पहचान बनाने वाले गोपाल राय ने कहा कि मैं गांव-गांव घूम चुका हूँ, किसान, मजदूर, नौजवान सबकी नजरों में देख रहा हूं। एनडीए के पक्ष में हवा साफ-साफ दिख रही है। उन्होंने कहा कि बक्सर जिले में 2020 के चुनाव में एनडीए को एक भी सीट नहीं मिली थी। अलबत्ता उपचुनाव में रामगढ़ सीट जरूर एनडीए के खाते में आ गई थी।

उन्होंने कहा कि ब्रह्मपुर और बक्सर यूपी की सीमा से लगी सीटें हैं। हमारी रिश्तेदारियां भी हैं, हम बिहार के लोगों को यूपी के योगी राज के बारे में बता रहे हैं। उन्होंने कहा कि बक्सर में महागठबंधन के मौजूदा विधायकों से उनके कोर वोटर भी निराश हैं। वह वोटर भी एनडीए के पक्ष में मतदान करेंगे।
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