उपमुख्यमंत्री केशव ने 23 अंशकालिक अनुदेशकों को 17 हजार का प्रतीकात्मक चेक देकर किया सम्मानित
उपमुख्यमंत्री केशव ने 23 अंशकालिक अनुदेशकों को 17 हजार का प्रतीकात्मक चेक देकर किया सम्मानित
लखनऊ, 17 मई । उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य रविवार को जिला पंचायत सभागार में अंशकालिक अनुदेशकों को सम्मानित कार्यक्रम में शामिल हुए। इस मौके पर उन्होंने 23 अंशकालिक अनुदेशकों को बढ़े हुए मानदेय का प्रतीकात्मक चेक प्रदान किया।
अंशकालिक अनुदेशकों में सतीश कुमार यादव, दिलीप कुमार सिंह, राकेश कुमार बिन्द, कंचन भारतीया, कल्पना पाल, अंजनी कुमार सिंह, सुनील कुमार शुक्ल, डबली विश्वकर्मा, अरूण कुमार पटेल, सुनील रोशन, राजेश कुमार कुशवाहा, मोहम्मद आदिल, अग्रिमा पाण्डेय, स्नेहलता, महजुल आदिवाशी, किरन, वीरेन्द्र कुमार गौड़, अमरेश कुमार, रेखा सिंह, बबिता, बृजेश कुमार यादव,अग्निबेला एवं सीता कुमारी शामिल रहीं।
इस अवसर पर केशव प्रसाद मौर्य ने अंशकालिक अनुदेशकों के मानदेय में हुई बढ़ोत्तरी के लिए उन्हें शुभकामना व बधाई देते हुए कहा कि नए वित्तीय वर्ष 2026-27 के माह अप्रैल से आप लोगों को 17 हजार रूपये प्रतिमाह मानदेय प्राप्त होगा,साथ ही कैशलेश चिकित्सा की सुविधा भी प्रदान की गयी है।
उन्होंने कहा कि हम अंशकालिक अनुदेशकों के जीवन में खुशहाली लाने के लिए संकल्पित है और रहेंगे। सरकार शिक्षा के क्षेत्र में सुविधाओं को और बढ़ाये जाने में कोई कमी नहीं रखेगी। उन्होंने कहा कि पैसे की कोई कमी नहीं है। शिक्षा के बिना राष्ट्र की उन्नति सम्भव नहीं है। प्रधानमंत्री ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य रखा है, विकसित भारत का लक्ष्य तब पूरा होगा,जब शिक्षित भारत का लक्ष्य पूरा होगा।
उन्होंने कहा कि शिक्षित भारत बनाने में आप लोगों की महत्वपूर्ण भागीदारी है। आपकी अपेक्षाओं को सरकार के द्वारा पूरा करने का काम किया जायेगा। उन्होंने कहा कि सभी के जीवन में खुशहाली आयें,यह हमारी सरकार का संकल्प है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 के पूर्व लोग अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में नहीं पढ़ाना चाहते थे, परंतु मुख्यमंत्री के नेतृत्व में आपरेशन कायाकल्प योजना के तहत स्कूलों में बड़ा बदलाव देखने को मिला है,स्कूलों में अब बच्चों के लिए स्मार्ट क्लास सहित हर तरह की अन्य सुविधाएं उपलब्ध करायी गयी है। जिससे अब अभिभावक अपने बच्चों को कॉन्वेंट स्कूलों के बजाय सरकारी स्कूलों में पढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज बेटिया हर क्षेत्र में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रही है। आज वे हर प्रतियोगी परीक्षाओं में टॉप सूची में अपना स्थान बनाने में सफल होती हैं।