होटल में सम्बंध बना दुष्कर्म के आरोपित की गिरफ्तारी पर रोक, राज्य सरकार से कोर्ट ने मांगा जवाब
होटल में सम्बंध बना दुष्कर्म के आरोपित की गिरफ्तारी पर रोक, राज्य सरकार से कोर्ट ने मांगा जवाब
प्रयागराज, 07 नवंबर । इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने दुष्कर्म के आरोपित की विवेचना में सहयोग की शर्त पर गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है और राज्य सरकार से याचिका पर जवाब मांगा है। अगली सुनवाई 20 नवंबर को होगी।
यह आदेश न्यायमूर्ति अजय भनोट तथा न्यायमूर्ति गरिमा प्रसाद की खंडपीठ ने अभिषेक यादव, रणविजय यादव व अन्य की याचिका पर दिया है। याचिका में कहा गया है कि प्रयागराज के थाना सोरांव क्षेत्र के अभिषेक यादव व परिवार के खिलाफ दुष्कर्म के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई। जबकि 6 अगस्त 25 को आरोपित और पीड़िता सहमति से फूलपुर के एक होटल में ठहरे थे। होटल में उनकी उपस्थिति का सीसीटीवी फुटेज में घटना की पुष्टि हुई है। घटना के बाद याची और पीड़िता के बीच विवाह के प्रस्ताव को पीड़िता के परिवार के द्वारा अस्वीकार कर दिया गया।
अगले दिन 7 अगस्त 25 को पीड़िता गाँव के ही गंगा शर्मा अपने दूसरे बॉयफ्रेंड के साथ मुम्बई चली गई और 13 अगस्त को लौटकर आयी तो झूठी कहानी बनाकर याची अभिषेक यादव व उनके परिजन के खिलाफ गाली-गलौज व दुष्कर्म के आरोप में एफआईआर करवा दिया।
दलील दिया गया कि पीड़िता ने खुद होटल बुक कराया और याची से मिलने आई थी। अगले दिन गांव के ही गंगा शर्मा के साथ मुम्बई भाग गई और आरोप लगा दिया कि याची ने एक हफ्ते उसके साथ लगातार बंधक बनाकर दुष्कर्म किया।
याची ने पीड़िता की प्रयागराज से मुम्बई ट्रेन से जाने का लोकेशन भी बताया कि फाफामऊ से जबलपुर होते हुए मुम्बई गई थी और वापस आकर याची व परिवार के खिलाफ 11 दिन बाद एफआईआर दर्ज कराया।