अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप से गिनती सीख रही कांग्रेस: केशव प्रसाद मौर्य
अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप से गिनती सीख रही कांग्रेस: केशव प्रसाद मौर्य
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता केशव प्रसाद मौर्य ने एक बार फिर कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला बोला है। 24 जुलाई को लखनऊ से जारी एक बयान में, मौर्य ने कांग्रेस की राजनीतिक समझ और उसकी रणनीति पर व्यंग्यात्मक लहजे में सवाल उठाए।
केशव प्रसाद मौर्य ने गुरुवार को अपने सोशल मीडिया अकाउंट 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में लिखा कि "एक, दो, तीन वाली गिनती सीख रही है कांग्रेस अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप से।" उनके इस बयान का संदर्भ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा बार-बार किए गए उस दावे से था, जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर (युद्धविराम) के लिए मध्यस्थता की थी।
मौर्य ने अपनी पोस्ट में आगे लिखा, "ट्रंप ने 25 बार कहा है कि उन्होंने भारत-पाक के बीच सीजफायर कराया।" यह एक ऐसा दावा था जिसे भारत सरकार ने लगातार खारिज किया था, यह कहते हुए कि भारत कश्मीर मुद्दे पर किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता स्वीकार नहीं करता। बावजूद इसके, ट्रंप ने अपने कार्यकाल के दौरान कई मौकों पर इस बात को दोहराया था।
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए मौर्य ने कहा कि कांग्रेस "उसी संख्या का रट्टा लगाए है।" इसका मतलब यह था कि कांग्रेस पार्टी ट्रंप के इस निराधार दावे को बिना किसी आलोचनात्मक परीक्षण के स्वीकार कर रही है या उसका उपयोग कर रही है, मानो वह कोई बुनियादी पाठ सीख रही हो। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा, "25 तक की गिनती सीखकर गांधी परिवार और उसकी जेब में रहने वाली कांग्रेस बल्ले-बल्ले कर रही है।" इस टिप्पणी के जरिए केशव प्रसाद मौर्य ने राहुल गांधी और सोनिया गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी पर कटाक्ष किया, यह आरोप लगाते हुए कि पार्टी गांधी परिवार के इशारों पर चलती है और आधारहीन बयानों को भी अपनी "जीत" के रूप में पेश करने की कोशिश करती है, भले ही उनमें कोई सच्चाई न हो।
मौर्य का यह बयान कांग्रेस की राजनीतिक रणनीति और उसकी समझ पर सीधे तौर पर सवाल उठाता है, यह सुझाव देते हुए कि पार्टी तथ्यों से परे जाकर सिर्फ प्रोपेगेंडा या बाहरी बयानों पर निर्भर कर रही है। यह भाजपा द्वारा कांग्रेस पर अक्सर लगाए जाने वाले आरोपों में से एक है कि कांग्रेस राष्ट्रीय मुद्दों पर गंभीर नहीं है और केवल सत्ता के लिए या भाजपा सरकार को बदनाम करने के लिए आधारहीन बातों का सहारा लेती है।