पीड़ित महिलाओं की शिकायतों का प्राथमिकता पर हो निस्तारण : डॉ. बबिता सिंह चौहान
पीड़ित महिलाओं की शिकायतों का प्राथमिकता पर हो निस्तारण : डॉ. बबिता सिंह चौहान
मीरजापुर, 10 मार्च । उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबिता सिंह चौहान ने मंगलवार को मीरजापुर के भ्रमण के दौरान महिला सुरक्षा, सम्मान और कल्याण से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा की। साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिया कि पीड़ित महिलाओं की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सुना जाए और उनका त्वरित निस्तारण किया जाए।
डॉ. चौहान ने मंडलीय महिला चिकित्सालय में कन्या जन्मोत्सव, गोदभराई और अन्नप्राशन कार्यक्रम में हिस्सा लिया। उन्होंने नवजात बालिकाओं के जन्म पर अभिभावकों को बधाई देते हुए उपहार भेंट किए तथा बच्चियों के साथ केक काटकर उनके उज्ज्वल भविष्य और दीर्घायु की कामना की। इसके साथ ही गर्भवती महिलाओं की गोदभराई कर उन्हें पौष्टिक आहार और फल प्रदान किए तथा छोटे बच्चों को खीर खिलाकर अन्नप्राशन संस्कार कराया। उन्होंने कहा कि सनातन परंपरा में 16 संस्कारों का विशेष महत्व है और इन संस्कारों के माध्यम से ही बच्चों में अच्छे संस्कार विकसित होते हैं।
कार्यक्रम में उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार महिलाओं और बालिकाओं के उत्थान के लिए कई जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित कर रही है, जिनकी जानकारी आम लोगों तक पहुंचना आवश्यक है। उन्होंने आशा कार्यकर्ताओं द्वारा गर्भवती महिलाओं को संतुलित आहार और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के प्रयासों की सराहना की। इसके बाद अष्टभुजा निरीक्षण गृह सभागार में जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार, पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर महिला कल्याण से संबंधित योजनाओं की समीक्षा की। बैठक में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, निराश्रित महिला पेंशन, मातृ वंदन योजना, जननी सुरक्षा योजना, कन्या सुमंगला योजना सहित कई योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली गई।
डॉ. चौहान ने लगभग 20 से अधिक पीड़ित महिलाओं की समस्याएं सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को उनके समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी पारिवारिक समस्याओं का समाधान परिवार परामर्श केंद्र के माध्यम से सुलह-समझौते के आधार पर कराया जा सकता है। इस दौरान उन्होंने महिला सुरक्षा के लिए हेल्पलाइन नंबरों के व्यापक प्रचार-प्रसार और जनजागरूकता अभियान चलाने पर भी जोर दिया।