महिला बंदी ने दिया बेटी को जन्म, फूलों से सजी एंबुलेंस से जेल लाई गई नवजात और बजे ढाेल -नगाड़े
महिला बंदी ने दिया बेटी को जन्म, फूलों से सजी एंबुलेंस से जेल लाई गई नवजात और बजे ढाेल -नगाड़े
महोबा, 30 जनवरी । उत्तर प्रदेश के महोबा जनपद मुख्यालय स्थित उपकारागार के जेलर पी के मिश्रा ने मानवता की ऐसी मिशाल पेश की जो कि सभी के लिए नजीर बन गई। उपकारागार में हत्या के मामले में बंद महिला मां बनी तो जेलर ने जेल एम्बुलेंस को फूलों और गुब्बारों से सजा ढोल नगाड़ों के साथ जोरदार तरीके से नन्ही परी का स्वागत किया, जिसे देख जेल में बंद नवजात के पिता और अन्य बंदियों की आँखें खुशी से भर आईं। सुरक्षा कर्मियों ने भी लक्ष्मी स्वरूपा नवजात का न्यौछावर कर अपना प्यार जताया है।
शुक्रवार को जनपद मुख्यालय स्थित उपकारागार के जेलर पीके मिश्रा ने बताया कि हमीरपुर जिला निवासी सीमा और उसका पति लोकेश हत्या के मामले में बंद हैं । मई 2025 में गर्भवती सीमा को उपकारागार में निरुद्ध किया गया था। गणतंत्र दिवस 26 जनवरी की रात में महिला को अचानक प्रसव पीड़ा होने पर जेल प्रशासन द्वारा जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहाँ 27 जनवरी को उसने एक बेटी को जन्म दिया। जिला महिला अस्पताल से छुट्टी मिलने पर जेलर के निर्देश पर जच्चा बच्चा को लेने पहुँची जेल की एम्बुलेंस को गुब्बारों और फूलों से शानदार तरीके से सजाया गया। साथ ही अस्पताल से जेल तक बैंड बाजे साथ लक्ष्मी स्वरूपा नवजात का भव्य स्वागत किया गया ।
जेलर के अनुसार नवजात के लिए मच्छरदानी, मुलायम कंबल आदि जरूरत के सामानों की व्यवस्था की गई है।जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं।छठी कार्यक्रम में नवजात का नामकरण होगा। जेलर पीके मिश्रा ने निर्देश पर उपकारागार को भी फूलों और गुब्बारों से सजाया गया है। साथ ही इस खुशी के मौके पर सभी कैदियों में मिष्ठान का वितरण कराया गया। नवजात बेटी का अनोखा स्वागत देख पिता लोकेश समेत अन्य बंदियों की आँखें खुशी से नम हो गईं। तो वहीं जेलर द्वारा महिला बंदी के बेटी के जन्म पर किए गए इस मानवीय कार्य की सराहना हो रही है।