मां के दरबार तक ‘कांटों भरा सफर’! सड़क चौड़ीकरण अधूरा, श्रद्धालु ठोकर खाते पहुंच रहे शीतला धाम
मां के दरबार तक ‘कांटों भरा सफर’! सड़क चौड़ीकरण अधूरा, श्रद्धालु ठोकर खाते पहुंच रहे शीतला धाम
मीरजापुर, 04 जून । उत्तर प्रदेश के जनपद मीरजापुर में चुनार क्षेत्र के प्रसिद्ध अदलपुरा बड़ी शीतला माता धाम जाने वाले श्रद्धालुओं को इन दिनों आस्था के साथ-साथ मुश्किलों की भी परीक्षा देनी पड़ रही है। धाम तक पहुंचने वाली सड़क का चौड़ीकरण कार्य महीनों से अधूरा पड़ा है। सड़क खोदकर उस पर गिट्टी और भस्सी डाल दी गई है, लेकिन उसके बाद निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ सका। नतीजा यह है कि श्रद्धालुओं को धूल, गिट्टी और ऊबड़-खाबड़ रास्ते से गुजरकर मां के दरबार तक पहुंचना पड़ रहा है।
बताया जाता है कि जनवरी माह में सड़क चौड़ीकरण के नाम पर पुरानी सड़क उखाड़ दी गई थी। इसके बाद गिट्टी-भस्सी बिछाकर काम रोक दिया गया। छह माह बीतने के बाद भी सड़क की पेंटिंग और फिनिशिंग का कार्य शुरू नहीं हो सका है। इससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं में नाराजगी बढ़ रही है। अदलपुरा बड़ी शीतला माता धाम में प्रतिदिन पूर्वांचल के विभिन्न जिलों से हजारों श्रद्धालु दर्शन-पूजन के लिए पहुंचते हैं। कई भक्त मन्नत पूरी होने पर दंडवत यात्रा करते हुए, तो कई भजन-कीर्तन करते हुए मां के दरबार तक पहुंचते हैं। ऐसे श्रद्धालुओं को गिट्टी और भस्सी से भरे मार्ग पर काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। धूल उड़ने से राहगीरों और दुकानदारों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बाइक सवार श्रद्धालु असमतल सड़क पर फिसलकर चोटिल भी हो चुके हैं। बरसात शुरू होने के साथ ही स्थिति और खराब होने की आशंका जताई जा रही है। इस मामले में लोक निर्माण विभाग के क्षेत्रीय अवर अभियंता रामकेश राजू का बयान भी चर्चा का विषय बना हुआ है। उन्होंने कहा कि अमेरिका, ईरान और इजरायल समेत कई देशों में चल रहे युद्ध के कारण डामर की कीमतों में वृद्धि हुई है। डामर महंगा होने की वजह से सड़क की पेंटिंग का कार्य शुरू नहीं कराया जा सका है। जैसे ही डामर की कीमतें कम होंगी, सड़क निर्माण का शेष कार्य पूरा कराया जाएगा।
हालांकि श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय हालात अपनी जगह हैं, लेकिन धार्मिक स्थल तक पहुंचने वाले प्रमुख मार्ग को महीनों तक अधूरा छोड़ देना उचित नहीं है। लोगों ने जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग से शीघ्र सड़क निर्माण पूरा कराने की मांग की है, ताकि श्रद्धालुओं को राहत मिल सके।