दो छात्राओं को पुणे के स्कूल ऑफ प्रोग्रामिंग में मिला प्रवेश, दो वर्षीय पाठ्यक्रम के लिए चार लाख रुपये की छात्रवृत्ति

दो छात्राओं को पुणे के स्कूल ऑफ प्रोग्रामिंग में मिला प्रवेश, दो वर्षीय पाठ्यक्रम के लिए चार लाख रुपये की छात्रवृत्ति

दो छात्राओं को पुणे के स्कूल ऑफ प्रोग्रामिंग में मिला प्रवेश, दो वर्षीय पाठ्यक्रम के लिए चार लाख रुपये की छात्रवृत्ति

वाराणसी, 02 अगस्त । उत्तर प्रदेश में वाराणसी जनपद के भंदहा कला (कैथी) गांव की दो छात्राओं ने अपनी प्रतिभा के दम पर पुणे स्थित स्कूल ऑफ प्रोग्रामिंग में प्रवेश प्राप्त किया है। चयनित छात्राओं प्रतिमा सोनकर और दिव्या निषाद को दो वर्षीय पाठ्यक्रम के दौरान लगभग चार लाख रुपये की छात्रवृत्ति भी प्रदान की जाएगी।

पुणे स्थित यह संस्थान नवगुरुकुल फाउंडेशन द्वारा संचालित किया जाता है। दोनों छात्राएं सामाजिक संस्था आशा ट्रस्ट की ओर से संचालित निःशुल्क आशा लाइब्रेरी में अध्ययन कर रही थीं।

आशा ट्रस्ट के समन्वयक वल्लभाचार्य पाण्डेय ने बताया कि चयन प्रक्रिया के तहत कई चरणों में लिखित परीक्षा और साक्षात्कार आयोजित किए गए। इस प्रक्रिया में आशा लाइब्रेरी की नौ छात्राओं ने भाग लिया था, जिनमें अंतिम रूप से प्रतिमा सोनकर और दिव्या निषाद का चयन हुआ। उन्होंने बताया कि दो अन्य छात्राओं की चयन प्रक्रिया अभी जारी है।

उन्होंने बताया कि चयनित दोनों छात्राएं उच्च अध्ययन के लिए पुणे पहुंच चुकी हैं। पाठ्यक्रम की पूरी अवधि के दौरान उनके अध्ययन, छात्रावास, भोजन, लैपटॉप सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था नवगुरुकुल फाउंडेशन द्वारा की जाएगी। पाठ्यक्रम पूरा होने के बाद छात्राओं को निजी क्षेत्र की प्रतिष्ठित कंपनियों में परिसर चयन (कैंपस प्लेसमेंट) का अवसर भी उपलब्ध कराया जाएगा।

वल्लभाचार्य पाण्डेय ने बताया कि आशा लाइब्रेरी से पिछले वर्ष भी चार छात्राओं का चयन इसी संस्थान में हुआ था, जो वर्तमान में पुणे में अध्ययनरत हैं। उन्होंने कहा कि "बेटियां पढ़ें, आगे बढ़ें" के संकल्प के साथ संचालित इस निःशुल्क लाइब्रेरी में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।