नवरात्र-दिवाली से पहले यूपी के 12 और शहरों में पहुंचेगी ‘भारत टैक्सी’, अयोध्या-आगरा- मेरठ से जल्द शुरुआत
लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी, कानपुर और गोरखपुर के बाद भारत टैक्सी का नेटवर्क छोटे-बड़े शहरों तक बढ़ाने की तैयारी है। योजना में कार के साथ बाइक और ऑटो सेवा को भी शामिल किया जाएगा।
लखनऊ, 03 अक्टूबर। नवरात्र में मंदिर जाना हो, दिवाली पर बाजार से खरीदारी करनी हो या रेलवे स्टेशन और बस अड्डे तक पहुंचना हो, उत्तर प्रदेश के कई और शहरों में जल्द मोबाइल से टैक्सी बुक कर सफर करने की सुविधा मिलने वाली है। लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी, कानपुर और प्रयागराज के बाद अब ‘भारत टैक्सी’ के पहिए प्रदेश के छोटे-बड़े शहरों की ओर बढ़ रहे हैं।
त्योहारों पर प्रदेश की जनता को योगी सरकार बड़ी सुविधा दिलाने का प्रयास कर रही है। एक माह के भीतर 12 और शहरों तक सेवा पहुंचाने की तैयारी है। इनमें अयोध्या, आगरा और मेरठ के निवासियों को नवरात्र से पहले इस सुविधा से जोड़ने की तैयारी पूरी कर ली गई है।
उत्तर प्रदेश के ज्यादातर शहरों में भारत टैक्सी के विस्तार के लिए ग्राउंड ऑनबोर्डिंग और ड्राइवर पंजीकरण का काम शुरू हो गया है। इससे ऐप आधारित टैक्सी सेवा का दायरा प्रदेश के बड़े महानगरों से निकलकर छोटे शहरों तक पहुंचेगा।
मथुरा से मिर्जापुर तक दौड़ेगी टैक्सी
अगले चरण में मथुरा, फिरोजाबाद, मुजफ्फरनगर, हापुड़, सीतापुर, हाथरस, इटावा, मिर्जापुर और रायबरेली में भी भारत टैक्सी की सेवा शुरू करने की तैयारी चल रही है। इन शहरों में ड्राइवर और वाहनों को प्लेटफॉर्म से जोड़ने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। लक्ष्य है कि एक माह के भीतर इन शहरों के लोगों को सेवा उपलब्ध होने लगे।
कार ही नहीं, बाइक और ऑटो चालक भी जुड़ेंगे
भारत टैक्सी के नेटवर्क में टू व्हीलर और थ्री व्हीलर चालकों को भी शामिल किया जाएगा। इससे यात्रियों के सामने छोटी दूरी के लिए भी विकल्प बढ़ेंगे। वहीं बाइक, ऑटो और टैक्सी चलाने वाले युवाओं के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए यात्रियों तक पहुंचने का नया माध्यम तैयार होगा। उत्तर प्रदेश में अभी 50 हजार से अधिक चालक भारत टैक्सी से जुड़ चुके हैं। नए शहरों में ऑनबोर्डिंग शुरू होने के साथ यह संख्या और बढ़ने की उम्मीद है। शहरों के विस्तार के साथ स्थानीय स्तर पर वाहन चालकों को नेटवर्क से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है।
त्योहार से पहले भारत टैक्सी का नेटवर्क बढ़ाने पर जोर : जेपीएस राठौर
सहकारिता मंत्री जेपीएस राठौर ने बताया कि अक्टूबर में नवरात्र और इसके बाद दिवाली के दौरान शहरों में बाजारों, धार्मिक स्थलों, रेलवे स्टेशनों और बस अड्डों पर यात्रियों का दबाव बढ़ता है। इसी को देखते हुए नए शहरों में नेटवर्क तैयार करने की प्रक्रिया तेज की गई है। पहले चरण में पांच प्रमुख शहरों में मौजूदगी के बाद अब इसे प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों तक ले जाने की तैयारी है।