उप्र में अगले तीन घंटे गरज-चमक के साथ बारिश का ऑरेंज अलर्ट, कई जिलों में मौसम बिगड़ने के आसार
उप्र में अगले तीन घंटे गरज-चमक के साथ बारिश का ऑरेंज अलर्ट, कई जिलों में मौसम बिगड़ने के आसार
लखनऊ, 26 अगस्त । उत्तर प्रदेश में बुधवार को मानसूनी गतिविधियां तेज बनी हुई हैं। सचेत ऐप और मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार अगले तीन घंटों में प्रदेश के कई जिलों में गरज-चमक, आकाशीय बिजली और मध्यम से तीव्र बारिश की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
सबसे अधिक सतर्कता जालौन, झांसी, इटावा और औरैया में बरतने की जरूरत है। इन जिलों में कुछ स्थानों पर आकाशीय बिजली के साथ भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा अमेठी, अयोध्या और सुल्तानपुर समेत रायबरेली, कानपुर नगर, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, एटा, हाथरस, कासगंज, कानपुर देहात, उन्नाव, लखनऊ, बाराबंकी, कन्नौज, हरदोई, फर्रुखाबाद और अलीगढ़ में भी गरज-चमक के साथ मध्यम से तीव्र बारिश हो सकती है।
पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भी मौसम सक्रिय रहने की संभावना है। जौनपुर, प्रतापगढ़, आजमगढ़, अंबेडकरनगर, बस्ती, सीतापुर, बहराइच, गोंडा, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती, शाहजहांपुर, लखीमपुर खीरी के साथ पश्चिम यूपी में बरेली, पीलीभीत, बदायूं, बुलंदशहर और संभल में भी गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश का पूर्वानुमान है।
लखनऊ मौसम विभाग के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, प्रदेश में मानसूनी गतिविधियों के बीच वातावरण में पर्याप्त नमी बनी हुई है, जिसके कारण कई हिस्सों में स्थानीय स्तर पर गरज-चमक के साथ बारिश की गतिविधियां देखने को मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि अगले कुछ घंटों के दौरान कुछ इलाकों में बारिश की तीव्रता बढ़ सकती है, इसलिए लोगों को मौसम के अलर्ट को गंभीरता से लेते हुए सावधानी बरतनी चाहिए।
राजधानी लखनऊ में भी बारिश और गरज-चमक की संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग ने आकाशीय बिजली के दौरान लोगों को खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी है।
नदियों का जलस्तर भी चिंता का कारण
बारिश के साथ प्रदेश में कई नदियां भी खतरे के निशान के ऊपर बह रही हैं। बाढ़ निगरानी रिपोर्ट के अनुसार, बदायूं के कछला पुल पर गंगा नदी 162.48 मीटर के स्तर पर बह रही है, जो खतरे के निशान से 0.08 मीटर ऊपर है। बलिया में गंगा 58.38 मीटर पर, खतरे के निशान से 0.77 मीटर ऊपर है, जबकि तुर्तीपार में घाघरा 64.06 मीटर पर बह रही है, जो खतरे के निशान से 0.05 मीटर ऊपर है।
इसी तरह मीरजापुर के अहरौरा में जिगो नदी खतरे के निशान से 1.90 मीटर ऊपर और प्रयागराज के चाकघाट में टोंस नदी 0.52 मीटर ऊपर बह रही है। नदियों के बढ़े जलस्तर और बारिश के नए दौर को देखते हुए नदी किनारे तथा निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है।