वंदे मातरम्’ का नाम सुनते ही गांधी परिवार और कांग्रेस में बौखलाहट और बेचैनी दौड़ जाती है : केशव प्रसाद मौर्य

वंदे मातरम्’ का नाम सुनते ही गांधी परिवार और कांग्रेस में बौखलाहट और बेचैनी दौड़ जाती है : केशव प्रसाद मौर्य

वंदे मातरम्’ का नाम सुनते ही गांधी परिवार और कांग्रेस में बौखलाहट और बेचैनी दौड़ जाती है : केशव प्रसाद मौर्य

प्रयागराज, 16 अगस्त। वंदे मातरम्’ का नाम सुनते ही गांधी परिवार और उनके इशारों पर चलने वाली कांग्रेस के भीतर बौखलाहट और बेचैनी दौड़ जाती है। आजादी के पहले से लेकर अब तक तुष्टिकरण कांग्रेस की राजनीति का स्थायी भाव रहा है।

यह बात रविवार को प्रयागराज में अपने चार दिवसीय प्रवास के अंतिम दिन कौशाम्बी रवाना होने से पहले सर्किट हाउस में भाजपा कार्यकर्ताओं से उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कही। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और सोनिया गांधी का नेतृत्व भी कांग्रेस को इस मानसिकता से बाहर नहीं निकाल सका है।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि देश की स्वतंत्रता, एकता और अखंडता की रक्षा करना प्रत्येक नागरिक का सामूहिक दायित्व है। राष्ट्र निर्माण में सभी को अपनी भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना और ‘नागरिक देवो भवः’ का मंत्र ही सशक्त और विकसित भारत के निर्माण का आधार है।

केशव मौर्य ने कहा कि बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय की रचना ‘आनंद मठ’ में ‘वंदे मातरम्’ के माध्यम से मां भारती की तुलना मां दुर्गा, मां सरस्वती और मां लक्ष्मी से की गई थी। आजादी के आंदोलन के दौरान ‘वंदे मातरम्’ स्वतंत्रता सेनानियों के लिए प्रेरणा का मंत्र बन गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान भी मुस्लिम लीग और मोहम्मद अली जिन्ना ने इसका विरोध किया था। उपमुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि आज भी मुस्लिम वोट बैंक की राजनीति के कारण कांग्रेस उसी मानसिकता से बाहर नहीं निकल पा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस इसी सोच को आगे बढ़ाकर समाज में नफरत का वातावरण बनाने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कांग्रेस मुख्यालय में ‘वंदे मातरम्’ को लेकर जो कुछ हुआ, उससे कांग्रेस की मानसिकता सामने आ गई है। उन्होंने कहा कि दशकों तक ‘वंदे मातरम्’ को शुरुआती दो छंदों तक सीमित रखने वाली कांग्रेस आज पूरे ‘वंदे मातरम्’ के गायन को लेकर विरोध कर रही है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रगीत का सम्मान देश के स्वतंत्रता संग्राम और राष्ट्र की भावना से जुड़ा विषय है।