एनसीसी के 102 कैडेटों को मिला ‘सी’ प्रमाणपत्र, सशस्त्र बलों में करियर बनाने के लिए किया गया प्रेरित

प्रमाणपत्र वितरण समारोह में नेतृत्व, अनुशासन और राष्ट्रसेवा की भावना को जीवन में अपनाने का आह्वान, निःशुल्क एसएसबी मार्गदर्शन का लाभ उठाने की अपील

एनसीसी के 102 कैडेटों को मिला ‘सी’ प्रमाणपत्र, सशस्त्र बलों में करियर बनाने के लिए किया गया प्रेरित



प्रयागराज, 07 जुलाई । 15 यूपी बटालियन एनसीसी में मंगलवार को ‘सी’ प्रमाणपत्र परीक्षा सफलतापूर्वक उत्तीर्ण करने वाले 102 कैडेटों के लिए भव्य प्रमाणपत्र वितरण समारोह आयोजित किया गया। समारोह में कमांडिंग अधिकारी कर्नल रितु श्रीवास्तव रावत ने कैडेटों को प्रमाणपत्र प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं तथा उन्हें सशस्त्र बलों सहित विभिन्न प्रतिष्ठित सेवाओं में करियर बनाने के लिए प्रेरित किया।

कैडेटों को संबोधित करते हुए कर्नल रितु श्रीवास्तव रावत ने कहा कि एनसीसी का ‘सी’ प्रमाणपत्र युवाओं के व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व क्षमता, अनुशासन, आत्मविश्वास और राष्ट्रसेवा की भावना को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कैडेटों से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर भारतीय सशस्त्र बलों और अन्य प्रतिष्ठित सेवाओं में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया।

समारोह के दौरान कैडेटों को एनसीसी समूह मुख्यालय में उपलब्ध निःशुल्क सेवा चयन बोर्ड (एसएसबी) मार्गदर्शन एवं प्रशिक्षण कक्षाओं की जानकारी भी दी गई। उन्हें बताया गया कि इच्छुक अभ्यर्थी इस सुविधा का लाभ लेकर सेवा चयन बोर्ड के साक्षात्कार की बेहतर तैयारी कर सकते हैं और अधिकारी बनने के अपने लक्ष्य को साकार कर सकते हैं।

इस अवसर पर एक मार्गदर्शन सत्र का भी आयोजन किया गया, जिसमें एनसीसी ‘सी’ प्रमाणपत्र से मिलने वाले विभिन्न लाभों, अवसरों और करियर की संभावनाओं पर विस्तार से जानकारी दी गई। कैडेटों को आत्मविकास की यात्रा निरंतर जारी रखते हुए राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने और देशसेवा के लिए स्वयं को समर्पित करने के लिए प्रेरित किया गया।

समारोह के अंत में कैडेटों ने कमांडिंग अधिकारी तथा एनसीसी स्टाफ के प्रति उनके सतत मार्गदर्शन, प्रेरणा और सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।

रक्षा मंत्रालय, प्रयागराज के जनसंपर्क अधिकारी एवं प्रवक्ता ने बताया कि इस प्रकार के कार्यक्रमों का उद्देश्य युवाओं में नेतृत्व क्षमता, अनुशासन, राष्ट्रभक्ति और सेवा भाव का विकास करना है, ताकि वे भविष्य में देश के जिम्मेदार नागरिक और सशक्त नेतृत्वकर्ता के रूप में अपनी भूमिका निभा सकें।

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