प्रयागराज : गंगा यमुना में बुधवार शाम को जलस्तर में वृद्धि, बाढ़ की चेतावनी जारी
प्रयागराज : गंगा यमुना में बुधवार शाम को जलस्तर में वृद्धि, बाढ़ की चेतावनी जारी
प्रयागराज, 02 सितंबर । विश्व प्रसिद्ध प्रयागराज में गंगा-यमुना का जलस्तर बुधवार सुबह कुछ कम हुआ था। लेकिन दोपहर से शाम तक लगातार जलस्तर बढ़ रहा है। तटवर्ती इलाकों में सतर्कता रखने के लिए जिलाधिकारी ने लोगों से अपील की है कि वह बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जाने से बचें।
गंगा और यमुना के जलस्तर में बढ़ोतरी का सिलसिला
बुधवार शाम चार बजे तक दोनों नदियों के जलस्तर में वृद्धि दर्ज की गई। हालांकि अभी दोनों नदियां खतरे के निशान से नीचे हैं। प्रशासन ने तटवर्ती क्षेत्रों में सतर्कता बनाए रखने के साथ बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए हैं।
जिला प्रशासन के अनुसार बुधवार शाम चार बजे यमुना का जलस्तर नैनी में 82.39 मीटर दर्ज किया गया, जो पिछले चार घंटे में पांच सेंटीमीटर बढ़ा है। वहीं, गंगा का जलस्तर फाफामऊ में 82.84 मीटर रहा, जिसमें दो सेंटीमीटर की वृद्धि हुई। छतनाग में गंगा का जलस्तर 81.95 मीटर दर्ज किया गया, जो चार सेंटीमीटर बढ़ा है। बक्शी बांध स्थित एसटीपी पर जलस्तर 82.52 मीटर रहा, यहां भी सात सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गई।
प्रयागराज में गंगा और यमुना का खतरे का निशान 84.734 मीटर है। इस लिहाज से दोनों नदियां अभी खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं। बुधवार को किसी भी नदी में बारिश दर्ज नहीं की गई।
जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने कहा कि गंगा और यमुना के जलस्तर में हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। तटवर्ती क्षेत्रों में लगातार निगरानी की जा रही है और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि फिलहाल सभी तटबंध सुरक्षित हैं। जलस्तर में किसी भी तरह के बदलाव की स्थिति में तत्काल आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
जिला प्रशासन ने तटवर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से भी सतर्क रहने और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की है। अधिकारियों को जलस्तर की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं।