पीएम विश्वकर्मा योजना से संवर रही शिल्पकारों की जिंदगी, मोहन लाल कुंभकार ने बनाए तीन हजार दीये
रायपुर/बालोद, 16 सितंबर। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ’पीएम विश्वकर्मा योजना’ पारंपरिक शिल्पकारों और कारीगरों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है।
बालोद जिले के ग्राम ओरमा के कुम्हार मोहन लाल कुंभकार इसका प्रत्यक्ष उदाहरण हैं, जिन्होंने योजना के तहत प्रशिक्षण प्राप्त कर अपने पारंपरिक हुनर को नया संबल दिया है। मोहन लाल अपने हाथों में मिट्टी के सुंदर नक्काशीदार दीये दिखाते हुए बताते हैं कि उन्होंने इस अवसर के लिए अल्प अवधि में ही लगभग 3 हजार विशेष दीये तैयार किए हैं।
’17 सितंबर को जलाएं आशीर्वाद का दीया’
मोहन लाल ने देशवासियों से अपील करते हुए कहा कि, ’17 सितंबर को ’आशीर्वाद का दीया’ अवश्य जलाएं। मैं भी अपने घर में दीया जला रहा हूं और आप सब भी जलाएं। जब मेरे बनाए हुए यह दीये जगमगाएंगे, तो मुझे बड़ी खुशी होगी।
योजना से मिला आर्थिक सहयोग और नई दिशा
माटीकला शिल्पकार मोहन लाल ने बताया कि, ’पीएम विश्वकर्मा योजना’ के तहत उन्हें दी गई ट्रेनिंग से उनके हुनर में निखार आया है। उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी को महतारी वंदन योजना सहित अन्य छत्तीसगढ़ सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का भी लाभ मिल रहा है और ’पीएम विश्वकर्मा योजना’ के माध्यम से मिले सहयोग से उनकी आर्थिक स्थिति जहाँ मजबूत हुई है वहीं उन्हें आजीविका का बेहतर साधन मिला है। उन्होंने पारंपरिक कारीगरों और विश्वकर्मा समुदाय के उत्थान के लिए योजना शुरू करने पर मुक्तकंठ से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार जताते हुए अपनी प्रसन्नता व्यक्त की।