इलाहाबाद हाईकोर्ट से करवरिया बंधुओं को बड़ा झटका: जवाहर पंडित हत्याकांड में दूसरी जमानत याचिका खारिज, जेल में ही रहेंगे कपिल मुनि और सूरजभान
इलाहाबाद हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने नियमित जमानत देने से किया इनकार, उम्रकैद की सजा काट रहे दोनों भाई फिलहाल जेल में रहेंगे
इलाहाबाद हाईकोर्ट से करवरिया बंधुओं को बड़ा झटका: जवाहर पंडित हत्याकांड में दूसरी जमानत याचिका खारिज, जेल में ही रहेंगे कपिल मुनि और सूरजभान
प्रयागराज: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने चर्चित समाजवादी पार्टी के विधायक जवाहर पंडित (जवाहर यादव) हत्याकांड में उम्रकैद की सजा काट रहे पूर्व सांसद कपिल मुनि करवरिया और उनके भाई पूर्व एमएलसी सूर्यभान करवरिया को बुधवार को एक बड़ा झटका दिया है। अदालत ने दोनों भाइयों की दूसरी जमानत याचिका को सिरे से खारिज कर दिया है। इसके साथ ही साफ हो गया है कि दोनों भाई फिलहाल जेल में ही सलाखों के पीछे रहेंगे।
डिवीजन बेंच ने सुनाया फैसला यह महत्वपूर्ण फैसला इलाहाबाद हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच के जस्टिस सलील कुमार राय और जस्टिस अरुण कुमार सिंह देशवाल की पीठ ने सुनाया। सजायाफ्ता पूर्व सांसद कपिल मुनि करवरिया, पूर्व एमएलसी सूर्यभान करवरिया और सह-अभियुक्त रामचंद्र त्रिपाठी उर्फ कल्लू की ओर से हाईकोर्ट में नियमित जमानत के लिए यह दूसरी याचिका दाखिल की गई थी। हालांकि, सुनवाई के बाद कोर्ट ने किसी भी तरह की राहत देने से इनकार कर दिया और स्पष्ट रूप से कहा कि इस मामले में जमानत दिए जाने का कोई ठोस कानूनी आधार नहीं बनता है।
क्या है 28 साल पुराना जवाहर पंडित हत्याकांड? यह सनसनीखेज मामला 13 अगस्त 1996 का है। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज (तत्कालीन इलाहाबाद) के व्यस्त माने जाने वाले सिविल लाइंस इलाके में दिनदहाड़े समाजवादी पार्टी के तत्कालीन विधायक जवाहर यादव उर्फ जवाहर पंडित पर एके-47 जैसे अत्याधुनिक हथियारों से ताबड़तोड़ गोलियां बरसाई गई थीं। इस दुस्साहसिक वारदात ने पूरे प्रदेश की कानून-व्यवस्था को हिलाकर रख दिया था।
लंबी कानूनी प्रक्रिया और ट्रायल के बाद निचली अदालत (ट्रायल कोर्ट) ने करवरिया बंधुओं समेत अन्य आरोपियों को इस हत्याकांड में दोषी करार दिया था और सभी को उम्रकैद (आजीवन कारावास) की सजा सुनाई थी।
हाईकोर्ट में लंबित है क्रिमिनल अपील निचली अदालत के इस फैसले को चुनौती देते हुए रामचंद्र त्रिपाठी, पूर्व सांसद कपिल मुनि करवरिया, पूर्व एमएलसी सूर्यभान करवरिया और उनके एक अन्य भाई पूर्व विधायक उदयभान करवरिया ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में आपराधिक अपील (Criminal Appeal) दाखिल की थी, जिस पर सुनवाई अभी चल रही है। इसी अपील के दौरान सजा पर रोक लगाने और जमानत पाने के लिए इन्होंने यह अर्जी लगाई थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया।
तीसरे भाई उदयभान करवरिया पहले ही आ चुके हैं बाहर गौरतलब है कि इसी सनसनीखेज हत्याकांड में उम्रकैद की सजा पाने वाले करवरिया बंधुओं के तीसरे भाई और पूर्व विधायक उदयभान करवरिया वर्तमान में जेल से बाहर हैं। उन्हें जेल में उनके अच्छे आचरण और राज्य स्तर की दया याचिका समिति की संस्तुति के आधार पर समय से पहले रिहा कर दिया गया था। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार की सकारात्मक पैरवी और रिपोर्ट के बाद राज्यपाल ने उनकी सजा माफी की संस्तुति को मंजूरी दी थी, जिसके बाद वे जेल से बाहर आ सके थे। लेकिन अब कपिल मुनि और सूर्यभान करवरिया की जमानत याचिका खारिज होने से उनकी मुश्किलें बरकरार हैं।