पारस हेल्थकेयर की शेयर बाजार में एंट्री, IPO निवेशकों को पहले दिन प्रति शेयर ₹32 का फायदा
पारस हेल्थकेयर की शेयर बाजार में एंट्री, IPO निवेशकों को पहले दिन प्रति शेयर ₹32 का फायदा
नई दिल्ली, 28 अक्टूबर । उत्तर भारत, बिहार और झारखंड में 'पारस हेल्थ' ब्रांड के तहत अस्पताल संचालित करने वाली दिग्गज कंपनी पारस हेल्थकेयर लिमिटेड के शेयरों ने बुधवार को स्टॉक मार्केट में मजबूती के साथ कारोबार की शुरुआत की। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 693 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई और एनएसई दोनों प्रमुख एक्सचेंजों पर इसकी लिस्टिंग 3.90 प्रतिशत के मामूली प्रीमियम के साथ 720 रुपये के स्तर पर हुई।
लिस्टिंग के बाद बाजार मुनाफा वसूली शुरू हो जाने के कारण यह शेयर लुढ़क कर 706 रुपये के स्तर तक आ गया। हालांकि थोड़ी देर बाद ही खरीदारों ने लिवाली शुरू कर दी, जिससे इस शेयर की चाल में तेजी आ गई। खरीदारी के सपोर्ट से यह शेयर उछल कर 748.85 रुपये के स्तर तक पहुंच गया। इसके बाद एक बार फिर मुनाफा वसूली शुरू हो गई, जिसकी वजह से यह शेयर ऊपरी स्तर से लुढ़क गया। बाजार में लगातार जारी खरीद बिक्री के बीच दोपहर 12 बजे तक का कारोबार होने के बाद यह शेयर 725.30 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहा था। इस तरह अभी तक के कारोबार में कंपनी के आईपीओ निवेशकों को प्रति शेयर 32.30 रुपये यानी 4.66 प्रतिशत का फायदा हो चुका है।
इस कंपनी का 1,450 करोड़ रुपये का आईपीओ 21 से 23 अक्टूबर के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से एवरेज रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण यह ओवरऑल 2.34 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 3.25 गुना (एक्स एंकर) सब्सक्राइब हुआ था। इसी तरह रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन में 2.10 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसके अलावा नॉन-इन्स्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में सिर्फ 0.69 गुना सब्सक्रिप्शन दर्ज किया गया था, जिसमें 10 लाख से ऊपर वाले एचएनआई का हिस्सा 0.62 गुना और 10 लाख से नीचे वाले एचएनआई का हिस्सा 0.84 गुना भरा था।
इस आईपीओ के तहत एक रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 2,09,23,520 शेयर जारी किए गए हैं। यह इश्यू फ्रेश इश्यू और ऑफर फॉर सेल का कॉम्बिनेशन था, जिसके तहत 500 करोड़ रुपये मूल्य के 72.15 लाख नए शेयर जारी किए गए हैं, जबकि प्रमोटर धर्मेंद्र कुमार नागर और कमेलिना लिमिटेड द्वारा 950 करोड़ रुपये मूल्य के 1.37 करोड़ शेयरों की बिक्री ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिए की गई है। आईपीओ के फ्रेश इश्यू से जुटाई गई रकम में से 320.90 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कंपनी द्वारा लिए गए कुछ बकाया कर्जों को चुकाने में किया जाएगा। इसके अलावा 54.10 करोड़ रुपये का निवेश इसकी पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी पीएमपीएचएल में किया जाएगा। शेष बची राशि का उपयोग आईपीओ के खर्चों की भरपाई करने और सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों में को पूरा करने में किया जाएगा।
पारस हेल्थकेयर लिमिटेड की वित्तीय स्थिति की बात करें, तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए दस्तावेजों में उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक कंपनी की वित्तीय सेहत में पिछले तीन वित्त वर्षों के दौरान शानदार सुधार हुआ है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 15.33 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा (नेट लॉस) हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में और बढ़ कर 57.98 करोड़ रुपये के स्तर पर बना रहा। हालांकि, पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी घाटे से उबर कर शानदार वापसी करने में सफल रही और उसका शुद्ध लाभ (प्रॉफिट आफ्टर टैक्स) उछल कर 43.83 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। इसके अलावा मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक कंपनी को 49.68 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका था।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 1,151.02 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 1,314.21 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी की कुल राजस्व प्राप्ति में और इजाफा हुआ, जिससे यह बढ़ कर 1,628.78 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक कंपनी को 478.75 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हो चुका था।
इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिली है। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर कुल 923.92 करोड़ रुपये का कर्ज था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 1,232.12 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ और बढ़ कर 1,393.86 करोड़ रुपये हो गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक कंपनी पर कुल 1,429.49 करोड़ रुपये का भारी कर्ज लदा हुआ था।
कंपनी की कुल संपत्ति में भी इस दौरान लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में पारस हेल्थकेयर लिमिटेड की कुल संपत्ति 1,477.66 करोड़ रुपये के स्तर पर थी, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 1,810.45 करोड़ रुपये हो गई। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी की कुल संपत्ति बढ़कर 2,071.14 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के अंत में कंपनी की कुल संपत्ति 2,202.88 करोड़ रुपये दर्ज की गई।
रिजर्व और सरप्लस की बात करें, तो कंपनी ने इस मोर्चे पर थोड़ा उतार-चढ़ाव देखा, लेकिन अंत में मजबूती दर्ज करने में सफल रही। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 328.75 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में घट कर 270.73 करोड़ रुपये हो गया। हालांकि, वित्त वर्ष 2025-26 के अंत में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस फिर से बढ़ कर 384.84 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक यह और बढ़कर 434.86 करोड़ रुपये हो चुका था।
इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी उतार-चढ़ाव के बावजूद सुधार देखने को मिला है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी का नेटवर्थ 338.51 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में घट कर 280.49 करोड़ रुपये हो गया था। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का नेटवर्थ फिर से सुधर कर 394.94 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के अंत में कंपनी का नेटवर्थ 444.96 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।
इसी तरह कंपनी के ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) में भी लगातार मजबूत उछाल देखने को मिला। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी का ईबीआईटीडीए 154.41 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में मामूली बढ़त के साथ 156.46 करोड़ रुपये हो गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का ईबीआईटीडीए उछल कर 335.58 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक कंपनी का ईबीआईटीडीए 113.48 करोड़ रुपये दर्ज किया गया था।