पर्यावरण और जलवायु पर 19 सितंबर से अंतरराष्ट्रीय मंथन, 17 देशों के न्यायिक प्रतिनिधि होंगे शामिल
नई दिल्ली के विज्ञान भवन में दो दिवसीय सम्मेलन का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे, जबकि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू समापन सत्र में रहेंगी मुख्य अतिथि।
नई दिल्ली, 16 सितंबर । राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एन जी टी) 19 और 20 सितंबर को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में ‘पर्यावरण और जलवायु गतिशीलता का भविष्य’ विषय पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित करेगा। विज्ञान भवन में आयोजित होने वाले सम्मेलन का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू समापन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी।
एनजीटी ने बुधवार को जारी एक बयान में बताया कि सम्मेलन में भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत, पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव, आवासन एवं शहरी कार्य और विद्युत मंत्री मनोहर लाल, सुप्रीम कोर्ट की न्यायमूर्ति बी.वी. नागरत्ना, अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और एन जी टी की अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव समेत कई प्रमुख लोग मौजूद रहेंगे।
इस सम्मेलन में भारत के अलावा 17 देशों के न्यायाधीश और न्यायिक प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। पर्यावरण विशेषज्ञों, सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के न्यायाधीशों, जिला अदालतों के न्यायाधीशों, वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों और विभिन्न पर्यावरण से जुड़ी संस्थाओं के प्रतिनिधियों की भी भागीदारी होगी।
सम्मेलन में पर्यावरण और जलवायु से जुड़ी चुनौतियों पर चर्चा की जाएगी। अलग-अलग देशों में पर्यावरण संरक्षण के लिए अपनाए जा रहे तरीकों, न्यायिक अनुभवों और वैज्ञानिक जानकारी को साझा किया जाएगा।
इसका उद्देश्य पर्यावरण से जुड़े नियमों और नीतियों को लागू करने में आने वाली कमियों की पहचान करना, सफल उपायों को साझा करना और विभिन्न संस्थाओं के बीच सहयोग बढ़ाना है। सम्मेलन के जरिए पर्यावरण संरक्षण, विकास और न्याय के बीच बेहतर तालमेल बनाने पर भी चर्चा होगी।