भारत ने लॉन्च किए नेट जीरो पोर्टल और जलवायु मिशन डैशबोर्ड, उत्सर्जन और योजनाओं की प्रगति पर रहेगी नजर
विश्व ओजोन दिवस पर केंद्रीय राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने किए दोनों डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च; संस्थाएं नेट जीरो लक्ष्य और प्रगति साझा कर सकेंगी, जबकि राष्ट्रीय जलवायु मिशनों की निगरानी होगी आसान।
नई दिल्ली, 16 सितंबर। विश्व ओजोन दिवस के अवसर पर बुधवार को केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने नेट जीरो पोर्टल और राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन कार्ययोजना (एनएपीसीसी) डैशबोर्ड लॉन्च किया। इन दोनों डिजिटल प्लेटफॉर्म का उद्देश्य स्वैच्छिक नेट जीरो प्रयासों को बढ़ावा देना और देश में चल रहे जलवायु मिशनों की प्रगति की निगरानी को मजबूत करना है।
नेट जीरो पोर्टल विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रही भारतीय संस्थाओं को अपने स्वैच्छिक नेट जीरो लक्ष्यों को दर्ज करने और उनकी प्रगति सार्वजनिक करने के लिए एक साझा मंच उपलब्ध कराएगा। इसमें संस्थाएं अपने ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन, नेट जीरो लक्ष्य और हर साल की प्रगति की जानकारी दे सकेंगी। पोर्टल पर स्कोप-1 और स्कोप-2 उत्सर्जन की जानकारी देने के लिए प्रोत्साहित किया गया है, जबकि स्कोप-3 उत्सर्जन की रिपोर्टिंग स्वैच्छिक रखी गई है।
संस्थाएं नेट जीरो तक पहुंचने की अपनी रणनीति भी साझा कर सकेंगी। इसमें स्वच्छ ऊर्जा अपनाने, ऊर्जा दक्षता बढ़ाने, तकनीकी उपायों और कार्बन रिमूवल जैसी गतिविधियां शामिल हैं। नेट जीरो लक्ष्य घोषित करने वाली पात्र संस्थाओं को पर्यावरण मंत्रालय की ओर से इसकी पुष्टि संबंधी स्वीकृति दी जाएगी।
वहीं डैशबोर्ड राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन कार्ययोजना के तहत चल रहे विभिन्न राष्ट्रीय मिशनों की प्रगति को एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रदर्शित करेगा। इससे संबंधित मंत्रालयों और विभागों को योजनाओं की निगरानी, क्षेत्रवार प्रगति का आकलन और क्रियान्वयन में मौजूद कमियों की पहचान करने में मदद मिलेगी।
मंत्रालय के अनुसार, दोनों प्लेटफॉर्म जलवायु कार्रवाई में पारदर्शिता, बेहतर समन्वय और आंकड़ों पर आधारित निर्णय प्रक्रिया को मजबूत करेंगे। साथ ही, इनसे भारत के घरेलू जलवायु प्रयासों और अंतरराष्ट्रीय जलवायु प्रतिबद्धताओं के बीच बेहतर तालमेल बनाने में भी मदद मिलेगी।