मीरजापुर में धान की फसल पर लपेटा रोग का प्रकोप, किसानों की बढ़ी चिंता; उत्पादन घटने का डर

लगातार बारिश और खेतों में नमी के बीच धान की पत्तियां सूखकर प्रभावित हो रही हैं, किसान दवाओं का छिड़काव कर रहे हैं।

मीरजापुर में धान की फसल पर लपेटा रोग का प्रकोप, किसानों की बढ़ी चिंता; उत्पादन घटने का डर

मीरजापुर, 24 सितंबर । उत्तर प्रदेश के मीरजापुर जिले में ड्रमंडगंज क्षेत्र अंतर्गत धान की फसल पर लपेटा रोग का प्रकोप बढ़ने से किसान परेशान हैं। रोग के कारण धान की पत्तियां किनारे से सूखने के बाद धीरे-धीरे पूरी तरह प्रभावित हो रही हैं। लगातार बारिश और खेतों में बनी नमी के बीच रोग फैलने से किसानों को उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है।

फसल बचाने के लिए किसान कृषि दुकानों से दवाएं खरीदकर छिड़काव कर रहे हैं, लेकिन कई खेतों में अपेक्षित सुधार नहीं होने से उनकी चिंता बढ़ गई है।

बिलरा पटेहरा गांव निवासी किसान राममूर्ति पांडेय ने बताया कि धान की फसल अच्छी स्थिति में थी, लेकिन अचानक पत्तियों में रोग के लक्षण दिखाई देने लगे। दवा का छिड़काव करने के बाद भी कई खेतों में पत्तियां सूख रही हैं।

कोलहा गांव के किसान हर्ष नारायण मिश्र ने बताया कि बारिश के बाद खेतों में नमी अधिक होने से रोग तेजी से फैल रहा है। समय रहते रोकथाम नहीं हुई तो इसका असर धान की बालियों पर भी पड़ सकता है।

नौगवां निवासी किसान रमाशंकर ने बताया कि फसल तैयार करने में काफी लागत लग चुकी है। रोग लगने से उत्पादन घटने की चिंता के साथ दवाओं पर अतिरिक्त खर्च भी बढ़ गया है।

अमहा मुड़ेल गांव के किसान रामपाल ने बताया कि खेत में कई जगह धान की पत्तियां मुड़कर सूखने लगी हैं।

एडीओ कृषि नरेंद्र कानापुरिया ने बताया कि लगातार बारिश के कारण रोग का खतरा बढ़ा है। किसानों को समय रहते उचित दवाओं का छिड़काव कर फसल की रोकथाम करनी चाहिए।