महोबा : नाग पंचमी पर मंदिरों में उमड़ा आस्था का सैलाब, सोमवार को बना अद्भुत संयोग

महोबा : नाग पंचमी पर मंदिरों में उमड़ा आस्था का सैलाब, सोमवार को बना अद्भुत संयोग

महोबा : नाग पंचमी पर मंदिरों में उमड़ा आस्था का सैलाब, सोमवार को बना अद्भुत संयोग

महोबा, 17 अगस्त । उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में सोमवार को पूरे नाग पंचमी का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया है। श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाए जाने वाले इस पर्व पर आज सुबह से ही मंदिरों और नाग देवता के बाम्बियों पर भक्तों की भीड़ जुटी रही। नाग पंचमी के दिन नाग देवता की पूजा करने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। मान्यता है कि आज के दिन नागों की पूजा करने से घर में सुख-शांति आती है और सर्पदंश का भय नहीं रहता।

सोमवार को नाग पंचमी के पावन पर्व पर सुबह-सुबह महिलाओं ने व्रत रखकर मंदिरों में नाग देवता का विधि विधान से पूजन अर्चन कर उनको दूध, दही, लड्डू, फूल और दूब अर्पित की। कई जगहों पर बाम्बियों पर कच्चा दूध चढ़ाया गया। जनपद मुख्यालय के पुलिस लाइन पर स्थित नाग देवता के मंदिर समेत समेत तमाम शिव मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना की गई। मुख्यालय के हवेली दरवाजा बड़ी हाट स्थित लक्ष्मी नारायण मंदिर के पुजारी अनुज कृष्ण शास्त्री ने बताया कि नाग देवता को भगवान शिव के गले का हार भी माना जाता है।

आज के दिन शिव और नाग दोनों की पूजा करने से विशेष फल मिलता है। आज बहुत लंबे अंतराल के बाद ऐसा संयोग बना है कि सावन के सोमवार को नाग पंचमी का पर्व पड़ा है। आज के दिन पूजन अर्चन का विशेष फल प्राप्त किया जा सकता है। इस दिन खेतों में हल न चलाने और जमीन न खोदने की परंपरा भी है ताकि नागों और जमीन के अंदर रहने वाले जीव जंतुओं को कष्ट न पहुंचे।

घर के दरवाजे पर महिलाएं बनातीं हैं नाग देवता

बुंदेलखंड में हिन्दू परिवारों में नाग पंचमी के पावन पर्व पर महिलाओं के द्वारा नाग देवता का भक्तिभाव से पूजन कर गोबर से दरवाजे पर नाग देवता बनाए जाते हैं और फिर उनका पूजन किया जाता है। उन्हें दूध भी अर्पित किया जाता है। नाग पंचमी सिर्फ पूजा का दिन नहीं है। ये प्रकृति, जीवों के प्रति दया, पर्यावरण संरक्षण और आस्था का पर्व है। प्रशासन ने भीड़ को देखते हुए प्रमुख नाग मंदिरों के आसपास सुरक्षा और साफ-सफाई के विशेष इंतजाम किए हैं।