हिंदी के निरंतर प्रचार-प्रसार से देश में बढ़ रहा प्रभाव: विचार गोष्ठी में वक्ताओं ने रखे विचार

लखनऊ में हिंदी पखवाड़े के तहत आयोजित गोष्ठी में युवाओं को हिंदी से जोड़ने पर जोर; ऑनलाइन अध्ययन में हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने की जरूरत बताई

हिंदी के निरंतर प्रचार-प्रसार से देश में बढ़ रहा प्रभाव: विचार गोष्ठी में वक्ताओं ने रखे विचार


लखनऊ, 19 सितंबर । हिन्दी के प्रचार-प्रसार, उन्नति एवं व्यापक प्रयोग को लेकर मंजुश्री, लखनऊ की ओर से आयोजित विचार गोष्ठी में शनिवार को वक्ताओं ने हिन्दी को जन-जन तक पहुंचाने और युवा पीढ़ी को जोड़ने के लिए योजनाबद्ध प्रयासों पर जोर दिया। हिन्दी पखवाड़े के अंतर्गत आयोजित गोष्ठी में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, उत्तर प्रदेश का विशेष सहयोग रहा।

गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए संजीव जायसवाल ‘संजय’ ने कहा कि कोई भी भाषा कमतर नहीं है, सभी का अपने क्षेत्र में महत्व है। हिन्दी देशभर में व्यापक रूप से बोली और समझी जाने वाली भाषा के रूप में उभरी है। अहिन्दीभाषी क्षेत्रों में भी पर्यटन के दृष्टिकोण से स्थानीय लोगों में हिन्दी समझने-बोलने का चलन बढ़ा है, जो निरंतर प्रचार-प्रसार का सकारात्मक परिणाम है।

प्रभारी संपादक दिनेश कुमार गुप्ता ने विभिन्न सरकारों ने हिन्दी के प्रचार-प्रसार के लिए किए गए कार्यक्रमों और योजनाओं की जानकारी दी। कहा कि हिन्दी दिवस जैसे अवसरों पर निरंतर प्रयासों से जागरूकता और प्रयोग में वृद्धि हुई है।

मंजुश्री के निदेशक शैलेश श्रीवास्तव ने युवाओं में ऑनलाइन अध्ययन के बढ़ते चलन में हिन्दी के कम प्रयोग पर ध्यान आकर्षित करते हुए जेन-जी को हिन्दी से जोड़ने के लिए योजनाबद्ध प्रयासों की आवश्यकता बताई।

वक्ता अलका सक्सेना और सियाराम पाण्डेय ‘शांत’ ने कहा कि निरंतर प्रचार-प्रसार के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं और हिन्दी के प्रति आकर्षण बढ़ रहा है।

गोष्ठी का संचालन अजय मिश्र ‘अजय श्री’ ने किया, उन्होंने हिन्दी के व्यापक प्रसार और इसे राष्ट्रभाषा घोषित करने की आवश्यकता पर विचार रखे तथा काव्य पाठ से श्रोताओं को आनंदित किया। युवा वक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने युवाओं में अंग्रेजी के प्रति बढ़ते रुझान पर चिंता व्यक्त करते हुए परिवार की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।

कार्यक्रम का शुभारंभ श्रुति जायसवाल की सरस्वती वंदना से हुआ। इस अवसर पर सचिव विवेक कुमार शुक्ला ने स्वागत किया और उपाध्यक्ष प्रमोद अग्निहोत्री ने आभार व्यक्त किया। बड़ी संख्या में श्रोता उपस्थित रहे।