राहुल-अखिलेश अपनी नाकामियों का ठीकरा संवैधानिक संस्थाओं पर फोड़ रहे: केशव प्रसाद मौर्य

SIR को लेकर विपक्ष के आरोपों पर डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य का पलटवार, बोले- 2027 में उत्तर प्रदेश में लगातार तीसरी बार खिलेगा कमल।

राहुल-अखिलेश अपनी नाकामियों का ठीकरा संवैधानिक संस्थाओं पर फोड़ रहे: केशव प्रसाद मौर्य

लखनऊ, 12 अक्टूबर। उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर सियासत तेज हो गयी है। पारा पूरी तरह गरमा चुका है। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विपक्ष के हमलों पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने तीखा पलटवार किया है।

भाजपा के वरिष्ठ नेता व उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) को वास्तव में एसआईआर से कोई आपत्ति नहीं है, बल्कि यह वर्ष 2027 में अपनी खिसकती सियासी जमीन को देखकर पैदा हुई 'बौखलाहट' है। जनता का पूरी तरह भरोसा खो चुके कांग्रेस नेता राहुल गांधी और सपा प्रमुख अखिलेश यादव अपनी राजनीतिक नाकामियों को स्वीकार करने के बजाय इसका ठीकरा चुनाव आयोग और देश की अन्य संवैधानिक संस्थाओं पर फोड़ने में लगे हैं। विपक्ष के पास जनता के बीच जाने का कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है। इसलिए हार का डर, बेबुनियाद आरोपों का शोर और जनता को गुमराह करने की कोशिश ही अब उनकी राजनीति का मुख्य हिस्सा बन गई है।

भाजपा ने सपा और कांग्रेस के गठबंधन पर निशाना साधते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की समझदार जनता इनके 'छल-छद्म' और 'फरेब' की राजनीति को बहुत अच्छी तरह से पहचानती है। विपक्ष चाहे जितने भी पैंतरे बदल ले लेकिन राज्य की जनता अब उनके बहकावे में आने वाली नहीं है।

उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि देशवासियों और उत्तर प्रदेश की जनता का अटूट भरोसा देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व और उनके 'विकसित भारत' के संकल्प से जुड़ा हुआ है। इसी जन-विश्वास के बल पर वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में लगातार तीसरी बार प्रचंड बहुमत के साथ 'कमल' खिलेगा। जनता अपने निर्णायक जनादेश से सपा और कांग्रेस के सत्ता में वापसी करने के सारे मंसूबों पर पूरी तरह पानी फेर देगी।