रेल यात्रियों और कर्मचारियों को मिलेगा स्वच्छ पेयजल, कानपुर में 752 पानी के नमूनों की जांच
डॉ. जयंत मुर्मू ने बताया—31 अगस्त से चल रहे विशेष अभियान में पानी की गुणवत्ता की नियमित जांच; पिछले सप्ताह के सभी 16 जीवाणुसंबंधी नमूने संतोषजनक मिले।
कानपुर, 20 सितंबर। रेलवे स्टेशनों और रेल कॉलोनियों में यात्रियों व कर्मचारियों को सुरक्षित एवं स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए पानी की गुणवत्ता की नियमित जांच जरूरी है। इसके लिए चिकित्सा विभाग की ओर से विशेष अभियान चलाकर पेयजल स्रोतों के नमूने लिए जा रहे हैं और मानकों के अनुरूप उनकी जांच कराई जा रही है। यह रविवार को मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, कानपुर डॉ. जयंत मुर्मू ने कही।
रेलवे बोर्ड और उत्तर मध्य रेलवे मुख्यालय, प्रयागराज के निर्देश पर कानपुर क्षेत्राधिकार के विभिन्न रेलवे स्टेशनों और रेल कॉलोनियों में 31 अगस्त से विशेष पेयजल जांच अभियान चल रहा है। अभियान के तहत स्टेशनों पर उपलब्ध पेयजल स्रोतों और रेल कॉलोनियों से नमूने लेकर उनमें अवशिष्ट क्लोरीन और जीवाणुसंबंधी गुणवत्ता की जांच की जा रही है। अब तक कुल 752 नमूनों की अवशिष्ट क्लोरीन और 103 नमूनों की जीवाणुसंबंधी जांच की जा चुकी है।
पिछले एक सप्ताह में 208 अवशिष्ट क्लोरीन और 16 जीवाणुसंबंधी नमूने जांच के लिए लिए गए। जीवाणुसंबंधी जांच के सभी 16 नमूने संतोषजनक पाए गए। जिन स्थानों पर पानी के नमूनों में निर्धारित मानकों के अनुरूप कमी मिली, वहां सुधारात्मक कार्रवाई कराई गई। इसके बाद चिकित्सा विभाग ने दोबारा नमूने लेकर उनकी जांच की, ताकि पानी की गुणवत्ता मानकों के अनुरूप होने की पुष्टि की जा सके।
विशेष अभियान के दौरान कानपुर क्षेत्राधिकार के सभी रेलवे स्टेशनों और वहां उपलब्ध प्रमुख पेयजल स्रोतों को जांच के दायरे में लिया गया है। चिकित्सा विभाग की ओर से अभियान लगातार जारी है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आगे भी पेयजल के नमूने लेकर उनकी जांच की जाएगी। रेलवे प्रशासन का उद्देश्य नियमित निगरानी के माध्यम से यात्रियों और रेल कर्मचारियों के लिए स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।