‘हनुमान अंश’ फिल्म को 4 दिन में 25 हजार दर्शकों ने देखा, पीवीआर में गूंजे ‘जय श्रीराम’ के जयकारे

‘हनुमान अंश’ फिल्म को 4 दिन में 25 हजार दर्शकों ने देखा, पीवीआर में गूंजे ‘जय श्रीराम’ के जयकारे

‘हनुमान अंश’ भक्ति, सेवा और मानवता का संदेश देने वाली प्रेरणादायक फिल्म : नन्दी

चार दिन में 25 हजार दर्शकों ने देखी फिल्म, पीवीआर में गूंजते रहे ‘सीताराम’ और ‘जय श्रीराम’ के जयकारे

प्रयागराज, 20 सितंबर (हि.स.)। भगवान हनुमान के अनन्य भक्त संत बाबा नीब करौरी महाराज के जीवन, आध्यात्मिक विचारों और मानव सेवा के संदेश पर आधारित फिल्म ‘हनुमान अंश’ दर्शकों को भक्ति, सेवा, समर्पण और मानवता की प्रेरणा दे रही है। यह फिल्म केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों से नई पीढ़ी को जोड़ने का प्रयास है। यह बातें रविवार को उत्तर प्रदेश सरकार के औद्योगिक विकास मंत्री एवं कैबिनेट मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी ने कहीं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर आयोजित ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत मंत्री नन्दी की ओर से 17 से 20 सितंबर तक सिविल लाइंस स्थित पीवीआर में फिल्म का निःशुल्क प्रदर्शन कराया गया। चार दिनों में करीब 25 हजार लोगों ने फिल्म देखी। रविवार को विशेष प्रदर्शन के अंतिम दिन भी बड़ी संख्या में लोग पीवीआर पहुंचे।

मंत्री नन्दी ने कहा कि बाबा नीब करौरी महाराज के जीवन और उनके आध्यात्मिक विचारों को केंद्र में रखकर बनाई गई फिल्म ‘हनुमान अंश’ भक्ति के साथ सेवा और मानव कल्याण का संदेश देती है। फिल्म में करुणा, समर्पण, सद्भाव और मानवता जैसे मूल्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन लोगों को भारतीय संस्कृति और संत परंपरा से जोड़ने में सहायक होते हैं।

चार दिन तक भक्तिमय रहा पीवीआर

फिल्म देखने के लिए युवाओं, महिलाओं के साथ बड़ी संख्या में बुजुर्ग और वरिष्ठ नागरिक भी पहुंचे। फिल्म शुरू होने से पहले और प्रदर्शन के दौरान पीवीआर परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा। कई अवसरों पर दर्शकों ने ‘सीताराम’ और ‘जय श्रीराम’ के जयकारे लगाए। इससे पूरा परिसर श्रद्धा और भक्ति से गूंज उठा।

फिल्म देखने पहुंचे लोगों ने कहा कि ‘हनुमान अंश’ के माध्यम से उन्हें संत बाबा नीब करौरी महाराज के जीवन और उनके सेवा भाव से परिचित होने का अवसर मिला। बुजुर्ग दर्शकों ने परिवार के साथ फिल्म देखने को सुखद अनुभव बताया। लोगों ने कहा कि फिल्म युवाओं को भी भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक परंपराओं और सेवा भाव से जोड़ने का संदेश देती है।

अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी देखी फिल्म

विशेष प्रदर्शन के अंतिम दिन रविवार को बड़ी संख्या में अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी फिल्म देखी। जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा, मुख्य विकास अधिकारी हर्षिका सिंह, एडीएम, एसडीएम, तहसीलदार, अपर नगर आयुक्त, डीसीपी सिटी, सीएमओ, ब्रिगेडियर, कर्नल, संयुक्त निदेशक जीएसटी, परियोजना निदेशक डीआरडीए, रज्जू भैया विश्वविद्यालय के कुलपति सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

इसके अलावा जिलाधिकारी कार्यालय, तहसील, ब्लॉक और नगर निगम के कर्मचारी, चिकित्सक, प्रोफेसर समेत 500 से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी अंतिम दिन फिल्म का प्रदर्शन देखा।

चार दिनों तक चले इस आयोजन में भाजपा के पदाधिकारी, कार्यकर्ता, बूथ अध्यक्ष, पन्ना प्रमुख और बड़ी संख्या में आम नागरिक भी शामिल हुए। फिल्म समाप्त होने के बाद दर्शकों के बीच इसके संदेश और प्रसंगों को लेकर चर्चा होती रही। इस दौरान पीवीआर परिसर में श्रद्धा, भक्ति और सेवा का भाव दिखाई दिया।