CSJMU में छात्रों को मिला Success का मंत्र, नंदिता मौर्या बोलीं- ज्ञान के साथ Communication और Confidence भी जरूरी
Beyond the Classroom’ स्किल डेवलपमेंट सेशन में छात्रों को प्रभावी संवाद, प्रेजेंटेशन, बॉडी लैंग्वेज और प्रोफेशनल व्यवहार का कराया गया व्यावहारिक अभ्यास।
कानपुर, 09 सितंबर । ज्ञान से क्षमता का निर्माण होता है, लेकिन बेहतरीन संचार कौशल उस क्षमता को दुनिया के सामने प्रदर्शित करता है। अंग्रेजी महज संवाद की एक भाषा है, इसे बुद्धिमत्ता मापने का पैमाना नहीं माना जाना चाहिए। यह बातें बुधवार को लाइफ स्किल्स कोच एवं मैनेजमेंट एक्सपर्ट नंदिता मौर्या ने कहीं।
छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ आर्ट्स, ह्यूमैनिटीज एंड सोशल साइंसेज की ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट कमेटी की ओर से “बियॉन्ड द क्लासरूम-स्किल्स फॉर सक्सेस” विषय पर सॉफ्ट स्किल्स एवं रोजगारपरक कौशल विकास सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण से हुआ।
कार्यक्रम के दौरान स्कूल ऑफ आर्ट्स, ह्यूमैनिटीज एंड सोशल साइंसेज के निदेशक एवं कार्यक्रम संयोजक डॉ. अमित कुमार ने कहा कि डिग्री अवसर तक पहुंचा सकती है, लेकिन उस अवसर का उपयोग करने की क्षमता कौशल और आत्मविश्वास से तय होती है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान अर्जन नहीं, बल्कि व्यक्तित्व का समग्र विकास भी है।
विशेष अतिथि एवं प्रशिक्षक नंदिता मौर्या ने छात्रों को संचार, प्रस्तुति और पेशेवर व्यवहार के महत्व की जानकारी दी। गतिविधि आधारित सत्र में छात्रों को प्रभावी संवाद, आत्मविश्वास के साथ प्रस्तुति और पेशेवर व्यवहार के बारे में व्यावहारिक अभ्यास कराया गया। कम्युनिकेशन के तीन सी- स्पष्ट, संक्षिप्त और निरंतर संवाद पर जोर दिया गया।
एक्टिव लिसनिंग के लिए एलएएसटी फ्रेमवर्क की जानकारी देते हुए ‘पार्टनर चैलेंज’ गतिविधि कराई गई। वहीं ‘साइमन सेज’ जैसी गतिविधियों के माध्यम से बॉडी लैंग्वेज, वॉयस टोन और शब्दों के प्रभाव को समझाया गया। छात्रों को प्रभावी परिचय देने की संरचना भी सिखाई गई, जिसमें स्वयं का परिचय, अपने योगदान और भविष्य की आकांक्षाओं को स्पष्ट रूप से रखने पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम की समन्वयक एवं फैकल्टी प्लेसमेंट कोऑर्डिनेटर डॉ. अनमोल शेखर श्रीवास्तव ने कहा कि कक्षा विद्यार्थियों को ज्ञान देती है, जबकि कक्षा से बाहर अर्जित कौशल उस ज्ञान को सफलता में बदलने की क्षमता प्रदान करते हैं। कार्यक्रम का संचालन छात्र ऋत्विक मिश्र और हिमांशी द्विवेदी ने किया।
इस दौरान डॉ. प्रशांत, डॉ. मानस उपाध्याय, डॉ. अभिषेक मिश्रा, डॉ. एसपी वर्मा, डॉ. शरद दीक्षित, डॉ. उद्धव, डॉ. अनुराधा शर्मा, अहमद अब्दुल्ला, शैलजा यादव, डॉ. मनोहर लाल, डॉ. उर्वशी, डॉ. अजय यादव समेत शिक्षक और बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे।