भारतीय मुक्केबाजी को 40 करोड़ रुपये की मजबूती, दो साल तक प्रतिभाओं को निखारेगा इंडियन ऑयल
भारतीय मुक्केबाजी को 40 करोड़ रुपये की मजबूती, दो साल तक प्रतिभाओं को निखारेगा इंडियन ऑयल
नई दिल्ली, 13 अक्टूबर । भारतीय मुक्केबाजी को मजबूत बनाने के लिए राष्ट्रीय खेल विकास कोष, भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) और इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन ने साझेदारी की है। इस पहल के तहत इंडियन ऑयल अगले दो वर्षों में 40 करोड़ रुपये का निवेश करेगा। इस राशि का इस्तेमाल प्रतिभाओं की पहचान, खिलाड़ियों के विकास, कोचिंग, खेल विज्ञान, अंतरराष्ट्रीय अनुभव और मुक्केबाजी अकादमियों को मजबूत बनाने के लिए किया जाएगा।
केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने इस साझेदारी को देश में खेलों के विकास में कॉरपोरेट क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
उन्होंने कहा कि संशोधित खेलो इंडिया योजना के तहत सरकार कॉरपोरेट साझेदारों के साथ सहयोग को गहरा कर रही है और कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व के माध्यम से होने वाला निवेश देशव्यापी खेल तंत्र तैयार करने में मदद करेगा।
हर खेल में आगे आएं कॉरपोरेट संस्थान
मांडविया ने कहा कि इस समझौते से खेलों में कॉरपोरेट क्षेत्र की भागीदारी सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा, “सिर्फ मुक्केबाजी ही नहीं बल्कि हर खेल में कॉरपोरेट संस्थानों को आगे आकर मदद करनी चाहिए। शुरुआती और विकास के चरण में खेलों को सहयोग की जरूरत होती है। बाद में जब खेल का तंत्र आकार लेने लगता है तो वह खुद को संभालने में सक्षम होने लगता है और निवेश भी आने लगता है।”
उन्होंने समग्र मुक्केबाजी तंत्र के निर्माण के लिए प्रतिभाओं की पहचान के साथ उपकरणों, खेल विज्ञान, सुविधाओं, कोचों के विकास और रेफरी के प्रशिक्षण में निवेश को भी जरूरी बताया।
कोचिंग, खेल विज्ञान और अकादमियों पर होगा ध्यान
इस समझौते का उद्देश्य इंडियन ऑयल के कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व सहयोग, राष्ट्रीय खेल विकास कोष की संसाधन जुटाने में भूमिका और भारतीय खेल प्राधिकरण की तकनीकी विशेषज्ञता को एक साथ लाना है।
इससे मुक्केबाजों को बेहतर कोचिंग, वैज्ञानिक सहयोग, प्रशिक्षण सुविधाओं और राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा के अवसर उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। इसके अलावा कोचों, रेफरी और तकनीकी अधिकारियों की क्षमता बढ़ाने पर भी ध्यान दिया जाएगा।
यह साझेदारी ऐसे समय में हुई है, जब भारतीय मुक्केबाजों ने 2026 एशियाई खेलों में छह पदक जीते, जिनमें तीन स्वर्ण और तीन कांस्य पदक शामिल हैं। इस पहल का लक्ष्य इस प्रदर्शन को आगे बढ़ाते हुए उभरते और शीर्ष स्तर के मुक्केबाजों के लिए विकास की मजबूत राह तैयार करना है।
सार्वजनिक उपक्रमों की सीएसआर रूपरेखा में खेल शामिल
इस समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर सार्वजनिक उद्यम विभाग की साझा कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व विषयगत रूपरेखा में खेलों को एक अलग क्षेत्र के रूप में शामिल किए जाने के बाद हुए हैं। इसे खेल विकास में कॉरपोरेट भागीदारी बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
समझौते पर केंद्रीय खेल मंत्री की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर खेल सचिव हरि रंजन राव, खेल मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, भारतीय मुक्केबाजी महासंघ के अध्यक्ष अजय सिंह और इंडियन ऑयल की मानव संसाधन निदेशक रश्मि गोविल भी मौजूद थीं।
भारत सरकार ने 1998 में धर्मार्थ बंदोबस्ती अधिनियम, 1890 के तहत राष्ट्रीय खेल विकास कोष की स्थापना की थी। यह कोष खेलों के विकास के लिए व्यक्तियों और कॉरपोरेट संस्थानों से संसाधन जुटाने में मदद करता है। इसके माध्यम से खिलाड़ियों के विकास, खेल बुनियादी ढांचे, अकादमियों, विशेष कोचिंग, उपकरणों और अंतरराष्ट्रीय अनुभव से जुड़ी पहलों को सहयोग दिया जाता है।