हिंदू स्वाभिमान सम्मेलन में नई ऊर्जा के साथ हिंदुत्व का जयघोष होगा : स्वामी चक्रपाणि

2 अक्टूबर को केपी कम्युनिटी सेंटर में होगा संतों का समागम, कुमार नारायण बनाए गए मुख्य संयोजक

हिंदू स्वाभिमान सम्मेलन में नई ऊर्जा के साथ हिंदुत्व का जयघोष होगा : स्वामी चक्रपाणि

प्रयागराज, 01 सितंबर। श्री चित्रगुप्त अखाड़ा परिषद एवं अखिल भारत हिंदू महासभा के तत्वावधान में 2 अक्टूबर को पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री और महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर केपी कम्युनिटी सेंटर में विशाल हिंदू स्वाभिमान सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। सम्मेलन के मुख्य संयोजक कुमार नारायण बनाए गए हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता अखिल भारत हिंदू महासभा एवं संत सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी चक्रपाणि जी महाराज करेंगे।

संयोजक कुमार नारायण ने बताया कि सम्मेलन में देशभर से संत, साधु-संन्यासी, महंत और हिंदू समाज के प्रतिनिधि शामिल होंगे। सम्मेलन में हिंदू समाज के संरक्षण, भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की जाएगी। उन्होंने बताया कि सम्मेलन में विभिन्न प्रस्ताव पारित कर उन्हें उत्तर प्रदेश और केंद्र सरकार को भेजा जाएगा।

मंदिरों की वापसी और सनातन धर्म बोर्ड की मांग

कुमार नारायण के अनुसार सम्मेलन में प्रमुख रूप से उत्तर प्रदेश के मुगलकालीन मंदिरों की वापसी के लिए कानून बनाने, मंदिर-मठ, आश्रम और गुरुकुलों के लिए स्वायत्त ‘सनातन धर्म मंदिर बोर्ड’ के गठन की मांग रखी जाएगी। इसके अलावा गोवध पर पूर्ण प्रतिबंध के लिए कठोर कानून और ‘गौ सेवा आयोग’ गठित करने की मांग भी प्रस्ताव में शामिल होगी।

धर्मांतरण विरोधी कानून को और प्रभावी बनाने, घर वापसी को सुगम बनाने तथा काशी-महाकाल की तर्ज पर प्रयागराज में ‘प्रयाग धाम विकास बोर्ड’ स्थापित करने की मांग भी सम्मेलन में उठाई जाएगी।

काशी-मथुरा विवाद के शीघ्र निपटारे की मांग

सम्मेलन में काशी विश्वनाथ और मथुरा श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े विवादों के शीघ्र न्यायिक निपटारे की मांग की जाएगी। इसके साथ ही लव जिहाद की पीड़ित महिलाओं के लिए विशेष अभियान, पुनर्वास की व्यवस्था और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की जाएगी।

विद्यालयों में संस्कृत और भारतीय ज्ञान परंपरा को बढ़ावा देने के लिए ठोस शिक्षा नीति, गंगा की निर्मलता और तीर्थस्थलों की स्थायी सुरक्षा एवं सुविधाओं की व्यवस्था की मांग भी प्रस्ताव में शामिल होगी।

समान दर्शन व्यवस्था और युवाओं को रोजगार पर जोर

कुमार नारायण ने बताया कि प्रमुख हिंदू पर्वों पर अवकाश और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने, आदि जगद्गुरु शंकराचार्य, स्वामी विवेकानंद, महर्षि महेश योगी और लाल बहादुर शास्त्री के जीवन-दर्शन को पाठ्यक्रम में शामिल करने की मांग भी रखी जाएगी।

इसके अलावा सभी सनातनी मंदिरों में समान दर्शन व्यवस्था लागू करने और वीआईपी दर्शन पर रोक लगाने की मांग की जाएगी। हिंदू युवक-युवतियों को रोजगार तथा स्वरोजगार और व्यवसाय करने वालों को विशेष प्रोत्साहन एवं सहयोग देने का प्रस्ताव भी सम्मेलन में रखा जाएगा।

मीडिया प्रभारी राजेश केसरवानी ने बताया कि सम्मेलन में देश के विभिन्न हिस्सों से संत-महात्माओं के साथ प्रदेश के अलग-अलग जिलों से सनातन समाज के प्रतिनिधि शामिल होंगे। सम्मेलन की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।