गोरखपुर पुलिस लाइन में नारी शक्ति का शंखनाद: 493 महिला आरक्षियों ने ली कर्तव्य की शपथ

डीआईजी एस. चन्नप्पा ने ली भव्य परेड की सलामी; नौ महीने के कठिन प्रशिक्षण के बाद कानून-व्यवस्था को मिलेगी नई धार।

गोरखपुर पुलिस लाइन में नारी शक्ति का शंखनाद: 493 महिला आरक्षियों ने ली कर्तव्य की शपथ

गोरखपुर, 26 अप्रैल । पुलिस लाइन गोरखपुर के परेड ग्राउंड पर रविवार को महिला रिक्रूट आरक्षियों की भव्य दीक्षांत परेड का आयोजन किया गया। यह आयोजन न केवल प्रशिक्षण पूर्ण कर चुकी महिला आरक्षियों के लिए गर्व का क्षण था, बल्कि जनपद की कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डीआईजी रेंज एस. चन्नप्पा ने परेड की सलामी ली और प्रशिक्षुओं का उत्साहवर्धन किया।

गौरतलब है कि पुलिस महानिदेशक प्रशिक्षण, लखनऊ द्वारा 21 जुलाई 2025 को प्रदेश के 112 प्रशिक्षण केंद्रों में करीब 60,000 प्रशिक्षुओं का आधारभूत प्रशिक्षण शुरू कराया गया था। इसी क्रम में गोरखपुर जनपद में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में कुल 493 महिला प्रशिक्षुओं का नौ माह का कठिन एवं अनुशासित प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण कराया गया। प्रशिक्षण के दौरान शारीरिक दक्षता, कानून की जानकारी, आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की क्षमता, हथियार संचालन, ड्रिल और अनुशासन पर विशेष ध्यान दिया गया।


दीक्षांत परेड का दृश्य अत्यंत आकर्षक और अनुशासित रहा। परेड का नेतृत्व प्रथम परेड कमांडर आकांक्षा यादव ने किया, जिन्होंने शानदार कमान संभालते हुए मुख्य अतिथि को सलामी दिलाई। उनके नेतृत्व में 12 टोलियों ने सुसंगठित और प्रभावशाली मार्च पास्ट प्रस्तुत किया, जिसने उपस्थित सभी लोगों को प्रभावित किया। द्वितीय परेड कमांडर के रूप में अजिता सिंह तथा तृतीय परेड कमांडर के रूप में अंजली तिवारी ने भी अपने दायित्व का उत्कृष्ट निर्वहन किया।

मुख्य अतिथि डीआईजी एस. चन्नप्पा ने परेड का निरीक्षण करते हुए प्रशिक्षुओं की अनुशासन, एकरूपता और समर्पण की सराहना की। उन्होंने कहा कि महिला पुलिसकर्मियों की बढ़ती भागीदारी कानून-व्यवस्था को अधिक संवेदनशील, प्रभावी और जनोन्मुखी बनाएगी। उन्होंने प्रशिक्षुओं से अपेक्षा की कि वे ईमानदारी, साहस और कर्तव्यनिष्ठा के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें।


इस अवसर पर लखनऊ से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्चुअल माध्यम से प्रदेशभर में प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले लगभग 60,000 प्रशिक्षुओं को आशीर्वाद एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षित पुलिस बल राज्य की सुरक्षा व्यवस्था की रीढ़ होता है और इन नए आरक्षियों से कानून-व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।

दीक्षांत परेड के उपरांत मुख्य अतिथि द्वारा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली महिला आरक्षियों को सम्मानित किया गया। इस सम्मान से प्रशिक्षुओं का उत्साह और आत्मविश्वास और अधिक बढ़ा।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कोस्तुभ ने अपने संबोधन में कहा कि “आज का दिन आप सभी के जीवन का महत्वपूर्ण दिन है। यह आपके कर्तव्य पथ का पहला कदम है। अपने दायित्वों से कभी पीछे न हटें और पूरी निष्ठा एवं ईमानदारी के साथ सेवा करें।” उनके इस संदेश ने प्रशिक्षुओं को कर्तव्यनिष्ठा का संकल्प लेने के लिए प्रेरित किया।

प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद जनपद गोरखपुर को 256 महिला रिक्रूट आरक्षी प्राप्त होंगी, जबकि 237 महिला आरक्षियों को जनपद कुशीनगर भेजा जाएगा। इसके अतिरिक्त गोरखपुर को अन्य प्रशिक्षण संस्थानों से भी 983 रिक्रूट आरक्षी प्राप्त होंगे। इस प्रकार कुल 1239 रिक्रूट आरक्षियों को व्यवहारिक प्रशिक्षण हेतु जनपद के विभिन्न थानों पर नियुक्त किया जाएगा।

इन नए पुलिसकर्मियों की तैनाती से जनपद में पुलिस बल की संख्या में वृद्धि होगी, जिससे कानून-व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी तथा अपराध और अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा। विशेष रूप से महिला पुलिसकर्मियों की बढ़ती संख्या से महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों में त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई सुनिश्चित होगी।

कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी दीपक मीणा, एसपी नॉर्थ ज्ञानेंद्र, एसपी साउथ दिनेश कुमार पुरी, एसपी अपराध सुधीर जायसवाल, एसपी ट्रैफिक अमित श्रीवास्तव, सहायक पुलिस अधीक्षक/सीओ कैंट अरुण कुमार, सहायक पुलिस अधीक्षक दिनेश गोदारा सहित अन्य अधिकारी, प्रशिक्षकगण, प्रशिक्षुओं के अभिभावक एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।