तेज बारिश के बाद फिर बढ़ा मंदाकिनी नदी का जलस्तर, रामघाट की सीढ़ियां डूबीं; MP-UP प्रशासन अलर्ट
सतना में रातभर हुई बारिश का असर चित्रकूट में दिखा, मंदाकिनी का पानी लगातार बढ़ने से कई घाट जलमग्न हो गए। प्रशासन ने बैरिकेडिंग कर श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को निचले घाटों से दूर रहने की सलाह दी है।
सतना, 12 सितम्बर । मध्य प्रदेश के सतना जिला मुख्यालय और तराई क्षेत्र में शुक्रवार रात हुई तेज बारिश के बाद चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर फिर बढ़ने लगा है। रामघाट समेत कई घाटों की सीढ़ियां पानी में डूब गई हैं और जलस्तर में तेजी को देखते हुए मध्यप्रदेश व उत्तरप्रदेश प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है।
शनिवार सुबह तक मंदाकिनी का पानी लगातार बढ़ता रहा। नदी का जलस्तर बढ़ने से रामघाट समेत दूसरे घाटों की सीढ़ियां पूरी तरह पानी में डूब गईं। पिछले दिनों बाढ़ के हालात बनने के बाद एक बार फिर नदी का पानी बढ़ने से प्रशासन सतर्क हो गया है। सावधानी के तौर पर प्रशासन ने घाटों पर बैरिकेडिंग कर दी है। श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को नदी के निचले हिस्सों और घाटों की ओर जाने से रोका जा रहा है। घाट किनारे दुकान लगाने वाले कारोबारियों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने दुकानदारों से कहा है कि नदी का पानी और बढ़ने की स्थिति में वे अपना सामान सुरक्षित स्थान पर हटा लें। दोनों राज्यों का प्रशासन मंदाकिनी के जलस्तर पर लगातार नजर बनाए हुए है।
फिलहाल राहत की बात यह है कि मंदाकिनी नदी का जलस्तर खतरे के निशान से करीब 3 मीटर नीचे है। हालांकि, रातभर हुई बारिश के बाद नदी का पानी जिस तेजी से बढ़ा, उससे प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। पिछले दिनों आई बाढ़ के बाद नदी के जलस्तर में दोबारा हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए घाटों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
शुक्रवार को सतना में दिनभर मौसम का मिजाज बदलता रहा। आसमान में बादल आते-जाते रहे। इस दौरान कभी हल्की बारिश हुई तो कुछ देर बाद तेज धूप निकल आई। इसके चलते अधिकतम तापमान में करीब 2 डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की गई। अधिकतम तापमान 31.9 डिग्री रहा, जो सामान्य से आधा डिग्री अधिक था। वहीं न्यूनतम तापमान 24.4 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य रहा। शाम के समय मौसम ने अचानक करवट बदली और करीब 15 मिनट तक हल्की से मध्यम बारिश हुई। इसके बाद रात करीब 11.30 बजे से तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश रातभर रुक-रुककर जारी रही। 24 घंटे में आधा इंच से ज्यादा बारिश दर्ज की गई। बारिश होने से उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत मिली।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र वर्तमान में ओडिशा के ऊपर बना हुआ है। इसके साथ ही मानसून ट्रफ लाइन बंगाल की खाड़ी से छत्तीसगढ़, दक्षिण-पश्चिम मध्यप्रदेश होते हुए राजस्थान तक बनी हुई है। मौसम सिस्टम के प्रभाव से सतना समेत रीवा संभाग में अगले दौर में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। ऐसे में मंदाकिनी नदी के जलस्तर में आगे भी उतार-चढ़ाव की स्थिति बन सकती है। प्रशासन नदी और घाटों की स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है।