क्लीनिक संचालक से रिश्वत मांगने के आरोप में स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई, नोडल अधिकारी निलंबित; तीन अन्य पर भी गिरी गाज
क्लीनिक संचालक से रिश्वत मांगने के आरोप में स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई, नोडल अधिकारी निलंबित; तीन अन्य पर भी गिरी गाज
लखनऊ, 03 नवंबर । गौतमबुद्धनगर के बिसरख में गैर पंजीकृत क्लीनिक संचालक से फोन कर घूस मांगने के आरोप में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों पर बड़ी कार्रवाई की गई है।
स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख सचिव वी हेकाली झिमोमी ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिसरख के चिकित्सा अधीक्षक व नोडल अधिकारी (अपंजीकृत चिकित्सालय एवं क्लीनिक) डॉ. सचिन्द्र मिश्रा को निलंबित किया है। इसके अलावा एक आउटसोर्स कर्मचारी की सेवा समाप्त करने और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के दो कर्मचारियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
ग्राम बिसरख में डॉ. पवन चौधरी की क्लीनिक है। जिसका पंजीकरण नहीं है। डॉ. पवन ने आरोप लगाया कि सीएचसी अधीक्षक डॉ. सचिन्द्र मिश्रा ने फोन पर पैसे मांगे। घटना पर उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने खासी नाराजगी जाहिर की। ब्रजेश पाठक ने बताया कि डॉ. सचिन्द्र मिश्रा के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई की गई है। उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। उन्हें मेरठ मंडल के अपर निदेशक कार्यालय से संबद्ध कर दिया है। इसी मामले में आउटसोर्स कर्मचारी रविन्द्र कुमार शुक्ला, एमसीटीएस ऑपरेटर पर भी रुपये लेने का आरोप हैं। उनकी सेवा समाप्त करने के संबंध में महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं को आगे की कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। वहीं ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर सत्यार्थ राय और एनएचएम के प्रयोगशाला प्राविधिज्ञ अरविन्द चौधरी पर भी गाज गिरेगी। शासन ने दोनों की सेवा समाप्त करने के संबंध में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की निदेशक को निर्देशित किया है।