लिव-इन रिलेशनशिप से बचें युवा : राज्यपाल

लिव-इन रिलेशनशिप से बचें युवा : राज्यपाल

लिव-इन रिलेशनशिप से बचें युवा : राज्यपाल

वाराणसी, 08 अक्टूबर। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने युवाओं में लिव-इन रिलेशनशिप की बढ़ती स्वीकार्यता पर चिंता व्यक्त करते हुए इसके खतरों से आगाह किया। उन्होंने लिव-इन रिलेशनशिप से बचने की सलाह दी।

राज्यपाल ने महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के 47वें दीक्षांत समारोह में छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि ऐसे रिश्तों के दुष्परिणामों से समाज को सतर्क रहने की आवश्यकता है। राज्यपाल ने कहा कि लिव-इन रिलेशनशिप से जुड़ी कई दर्दनाक घटनाओं को मैंने देखा है। मैंने कई ऐसे मामले देखे हैं, जहां लिव-इन में रहने वाले गलत काम करके भाग जाते हैं। मुझे इन घटनाओं को देखकर अत्यधिक कष्ट होता है। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह के रिश्तों के परिणामस्वरूप महिलाएं कई बार मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न का शिकार बनती हैं।

आनंदी बेन पटेल ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि लिव-इन रिलेशनशिप न तो नैतिक रूप से सही है और न ही यह किसी भी दृष्टि से सुरक्षित है। समाज में इसके कारण कई कानूनी और सामाजिक समस्याएं उत्पन्न होती हैं। यदि आप लिव-इन रिलेशनशिप के परिणाम देखना चाहते हैं, तो आप अनाथालय जाकर देख सकते हैं। वहां 15 से 20 साल की लड़कियां 1-1 साल के बच्चे के साथ खड़ी रहती हैं। राज्यपाल ने समाज से आग्रह किया कि वह इन घटनाओं से सबक लें और युवाओं को इस तरह के रिश्तों के खतरों के बारे में समझाएं।

राज्यपाल ने यह भी कहा कि कई बार लिव-इन रिलेशनशिप में नाबालिग लड़कियां भी शामिल होती हैं, जिससे उनके लिए कानूनी स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। उन्होंने छात्राओं को यह सलाह दी कि वे अपने फैसलों को सोच-समझकर लें और लिव-इन रिलेशनशिप से बचें।