उत्तराखंड के चार जिलों में भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी,

भूस्खलन व नदी जलस्तर बढ़ने की आशंका के चलते प्रशासन ने लोगों से की सतर्क रहने की अपील

उत्तराखंड के चार जिलों में भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी,

देहरादून स्थित मौसम विज्ञान केंद्र द्वारा जारी ताजा बुलेटिन के अनुसार, गढ़वाल मंडल के प्रमुख जिले देहरादून और टिहरी के साथ-साथ कुमाऊं मंडल के पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों में आज भारी बारिश की संभावना को देखते हुए 'यलो अलर्ट' घोषित किया गया है। यह अलर्ट इन क्षेत्रों में मध्यम से भारी वर्षा, गर्जना के साथ बिजली गिरने और आकस्मिक जल भराव या भूस्खलन जैसी स्थितियों की संभावना को दर्शाता है।

इसके अलावा, राज्य के अन्य पर्वतीय जिलों में भी गरज-चमक के साथ तेज हवाओं और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है, वहीं कुछ स्थानों पर मूसलाधार बारिश का अनुमान है। मौसम विभाग ने इन जिलों में भी सतर्कता बरतने की अपील की है।

उल्लेखनीय है कि बुधवार सुबह से ही राजधानी देहरादून समेत बागेश्वर, चंपावत और अल्मोड़ा जैसे जिलों में रुक-रुक कर बारिश हो रही है, जिससे तापमान में गिरावट आई है और वातावरण में ठंडक घुली है। निचले इलाकों में पानी जमा होने और सड़कों पर यातायात प्रभावित होने की खबरें भी आ रही हैं।

मौसम विभाग की इस चेतावनी के बाद राज्य का आपदा प्रबंधन तंत्र और स्थानीय प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गया है। संबंधित जिलाधिकारियों को विशेष निगरानी रखने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने आम जनता, विशेषकर नदी-नालों के किनारे रहने वाले लोगों से विशेष सावधानी बरतने और जलस्तर बढ़ने की आशंका के मद्देनजर नदियों या बरसाती नालों के करीब न जाने की सख्त हिदायत दी है।

मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक विक्रम सिंह ने आज इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि उत्तराखंड में मॉनसून पूरी तरह से सक्रिय है और मौजूदा मौसमी परिस्थितियाँ 28 जुलाई तक प्रदेश भर में बारिश के जारी रहने का संकेत दे रही हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में और भी क्षेत्रों में भारी बारिश देखने को मिल सकती है।

राज्य आपदा प्रबंध प्राधिकरण (SDMA) ने सभी संबंधित जिलों को हाई अलर्ट पर रहने और किसी भी आपात स्थिति के लिए त्वरित प्रतिक्रिया टीमें (QRTs) तैयार रखने के निर्देश जारी किए हैं। प्राधिकरण ने भूस्खलन संभावित क्षेत्रों, विशेषकर राष्ट्रीय राजमार्गों और ग्रामीण सड़कों पर विशेष सतर्कता बरतने को कहा है, जहां बारिश के कारण चट्टानें खिसकने या मलबा आने की घटनाएं हो सकती हैं जिससे यातायात बाधित हो सकता है। यात्रियों और पर्यटकों से भी अपील की गई है कि वे अपनी यात्रा शुरू करने से पहले मौसम की जानकारी अवश्य ले लें और अत्यधिक बारिश की स्थिति में अनावश्यक यात्रा से बचें। उन्हें सुरक्षित स्थानों पर रहने और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।