विजय बहादुर पाठक ने सदन में उठाया दूषित पेयजल की आपूर्ति का मुद्दा

विजय बहादुर पाठक ने सदन में उठाया दूषित पेयजल की आपूर्ति का मुद्दा

विजय बहादुर पाठक ने सदन में उठाया दूषित पेयजल की आपूर्ति का मुद्दा

लखनऊ, 13 फ़रवरी । उत्तर प्रदेश विधानमंडल के बजट सत्र के दौरान शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी के विधान परिषद सदस्य विजय बहादुर पाठक ने सदन में दूषित पेयजल आपूर्ति का मुद्दा उठाया। विधान परिषद में विजय बहादुर पाठक ने राज्यभर में दूषित पेयजल की आपूर्ति की शिकायतों के त्वरित समाधान करने और अभियान चलाकर टूटी, जर्जर पानी की पाइपों को बदले जाने पर चर्चा की मांग की। सभापति कुंवर मानवेंद्र प्रताप सिंह ने इस विषय को सरकार को आवश्यक कार्यवाही के लिए भेज दिया है।

विजय बहादुर पाठक ने सूचना के तहत लिखा स्थानीय निकायों के अधिकारियों की लापरवाही के कारण स्थान-स्थान पर दूषित पेयजल के आपूर्ति के कारण स्थिति विष्फोटक हो रही है। इस मामले पर निकाय विशेष सावधानी बरतें। इन सबके बावजूद गाजियाबाद से लगातार वाराणसी तक अलग-अलग स्थानों पर दूषित पेयजल की आपूर्ति की शिकायतें आ रही है। आजमगढ़ में तो आसिफगंज मोहल्ले में लोगों के घरों में लगी टोटियों से नाले का गन्दा पानी आने की शिकायत आयी। नाली और सीवर के बीच से गुजरी पाइप लाइन में लीकेज से यह परिस्थिति बनी, यही नहीं ऐसा महीने में तीन-चार बार हो जा रहा है।

उन्हाेंने आगे कहा कि लखनऊ महानगर में स्थिति और गम्भीर है। यहाँ तो बकायदा नगर निगम सदन में उपस्थित 90 में से 63 पार्षदों ने गंदा पानी का मुद्दा उठाया। जलकल की लाइनों में लिकेज के कारण ये स्थितियाँ उत्पन्न हो रही है। पानी जैसी बुनियादी जरूरत अब लोगों के लिए जानलेवा बनती जा रही है। पानी जॉच का जिम्मा मुख्यरूप से जलकल और स्वास्थ्य विभाग के हाथ में है। जॉच के बाद रिपोर्ट पर कार्यवाही होना तो दूर कई बार फर्जी रिपोर्ट के आधार पर मामले को निस्तारण कर दिया जाता है। लखनऊ के इंदिरानगर, उदयगंज के हैवल​क रोड, खदरा, जानकीपुरम् विस्तार, आलमबाग के आजादनगर के नागरिक लगातार दूषित पेयजल के आपूर्ति की शिकायत कर रहे है।