काशीराम के परिनिर्वाण दिवस पर आगरा से लखनऊ जाएंगे हजारों बसपा कार्यकर्ता।
काशीराम के परिनिर्वाण दिवस पर आगरा से लखनऊ जाएंगे हजारों बसपा कार्यकर्ता।
आगामी 9 अक्टूबर को लखनऊ में काशीराम जी की पुण्यतिथि पर बसपा द्वारा लखनऊ में काशीराम स्मारक स्थल पर विशाल रैली का आयोजन प्रस्तावित है। जिसके लिए पार्टी आगरा सहित पूर्व में मजबूत जनाधार वाले क्षेत्रों में प्रमुख रूप से जुट गई है और सभी जोनल,मंडल,सेक्टर, बूथ प्रभारी सहित जिला अध्यक्षों को निर्देशित कर दिया गया है कि बड़ी से बड़ी संख्या में लक्ष्य अनुसार कार्यकर्ताओं को इस कार्यक्रम में सम्मिलित कराया जाए।
बहुजन समाज पार्टी आगरा के नौ विधानसभा क्षेत्रों में से दो बार छः- छः विधानसभा क्षेत्रों में जीत का परचम लहरा चुकी है। 2007 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में बसपा ने आगरा की नौ विधानसभा सीटों में से 6 विधानसभा सीटों पर जीत हासिल की, इसी जीत को दोहराते हुए 2012 के विधानसभा चुनाव में भी बसपा का जादू कायम रहा। बसपा प्रत्याशी दोबारा 6 विधानसभा क्षेत्रों से जीत कर विधानसभा पहुंचे।।
शेष तीन विधानसभा क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशियों ने जीत हासिल की थी।
इस तरह 2017 तक आगरा बसपा के ठोस कैडर वोट बैंक की वजह से बहुजन समाज पार्टी का मजबूत किला माना जाता रहा है।
लेकिन 2017 के विधानसभा चुनाव के बाद से अब तक बसपा के हाथ कुछ नहीं आया।
वर्ष 2017 और 2022 के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने आगरा के सभी नौ विधानसभा क्षेत्र में अपने प्रत्याशी खड़े किए लेकिन किसी भी सीट पर पार्टी का प्रत्याशी नहीं जीत पाया। अपने खोये हुए जनाधार के कारण पार्टी की स्थिति अब हासिये पर आ चुकी है।
9 अक्टूबर के कार्यक्रम के माध्यम से अपनी खराब स्थिति से उबरने के लिए बसपा आगामी विधानसभा चुनाव 2027 के लिए डूबते हुए जनाधार को बचाने और वोट बैंक को मजबूत करने की जुगत में लग गई है
आगरा के बहुजन समाज पार्टी के जिला अध्यक्ष विमल वर्मा ने बताया कि आगरा के नौ विधानसभा क्षेत्रों में प्रत्येक से अलग-अलग एक- एक हजार कार्यकर्ताओं को लखनऊ कार्यक्रम में पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। हम सभी कार्यकर्ता, पदाधिकारी इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए तैयारी में जुटे हुए हैं और उम्मीद है कि लक्ष्य पूरा होगा। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र से कार्यकर्ता बसों, छोटे चार पहिया वाहनों और ट्रेनों के माध्यम से लखनऊ पहुंचेगे इसके लिए पूर्व से ही व्यवस्था की जा रही है।
हालांकि 9 अक्टूबर को बसपा द्वारा यह कार्यक्रम पूर्व में भी आयोजित होते रहे हैं लेकिन इस कार्यक्रम में इतना बड़ा लक्ष्य पहले कभी नहीं दिया गया था। इस लक्ष्य को देखते हुए राजनीतिक गलियारों से जुड़े लोग इसे इस बार बसपा की विधानसभा चुनाव 2027 से पहले मजबूत और योजना बद्ध तैयारी मान कर चल रहे हैं। बसपा सुप्रीमो द्वारा पार्टी से दूर चल रहे परिवार के निकटतम लोगों को माफी देकर पुनः पार्टी में शामिल करने का काम भी इसी कवायद का एक हिस्सा माना जा रहा है। इस कार्यक्रम के जरिए पार्टी संगठन में एक जुटता और मजबूती को प्रदर्शित करने का भी काम करेगी। बसपा के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं का यह भी कहना है कि नौ अक्टूबर के कार्यक्रम में कुछ नए बड़े चेहरे भी पार्टी में शामिल हो सकते हैं।
दलित राजनीति में बसपा के सबसे निकटतम प्रतिद्वंदी आजाद समाजवाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर रावण ने भी बीएसपी की तरह कांशीराम के नाम को पूरे दम ख़म से लखनऊ में ही उठाएगी। इसके लिए आसपा 9 अक्टूबर को 'भाईचारा बनाओ अस्तित्व बचाओ ओबीसी अधिकार महासम्मेलन' करना तय किया है।