पुलवामा के वीरों का बलिदान केवल इतिहास की घटना नहीं : चिदानन्द सरस्वती
पुलवामा के वीरों का बलिदान केवल इतिहास की घटना नहीं : चिदानन्द सरस्वती
प्रयागराज, 14 फ़रवरी । पुलवामा के वीरों का बलिदान केवल इतिहास की घटना नहीं, बल्कि हर भारतीय के हृदय में धड़कता हुआ अमर संदेश है-राष्ट्र प्रथम। यह बातें शनिवार को परमार्थ त्रिवेणी पुष्प, प्रयागराज की पावन धरती पर भारत माता के अमर सपूतों की स्मृति में एक भावपूर्ण एवं राष्ट्र भक्ति से ओत-प्रोत विशेष हवन कर वीर शहीदों को श्रद्धांजलि कार्यक्रम में स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने अपने संदेश में कही।
उन्होंने कहा कि उन जवानों ने अपने प्राणों की आहुति देकर हमें सुरक्षित भविष्य दिया है। उनका त्याग हमें याद दिलाता है कि स्वतंत्रता और सुरक्षा की कीमत अनेकों बलिदान से चुकाई गयी है।
पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए वीर जवानों को समर्पित शनिवार को अरैल घाट,गंगा आरती। संगम तट की पावन वायु में जब वेद-मंत्रों की ध्वनि गूंजी, तो ऐसा प्रतीत हुआ मानो सम्पूर्ण प्रकृति स्वयं अपने वीर पुत्रों को नमन कर रही हो। हवन कुंड में अर्पित प्रत्येक आहुति देशभक्ति, कृतज्ञता और संकल्प की ज्वाला थी। उपस्थित सभी संतों, भक्तों, श्रद्धालुओं ने पुष्पांजलि अर्पित कर शहीदों को नमन किया।
इस अवसर पर देश की एकता, अखंडता और संस्कारों की रक्षा हेतु सदैव तत्पर रहने का संकल्प कराया। अंत में दीप प्रज्ज्वलित कर दो मिनट का मौन रख कर भारत के अमर वीरों को शत-शत नमन किया। परमार्थ त्रिवेणी पुष्प परिवार के सदस्यों ने अमर जवान ज्योति पर पुष्प अर्पित कर देव भक्ति व देश भक्ति का संदेश दिया।