पच्चीस स्वदेशी उन्नत नस्ल की गायों की इकाई स्थापित करने को शासन ने मांगा आवेदन
पच्चीस स्वदेशी उन्नत नस्ल की गायों की इकाई स्थापित करने को शासन ने मांगा आवेदनउप्र के 57 जिलों में इस योजना का लाभ देने को सरकार ने बनाई रणनीति
प्रयागराज,13 जुलाई उत्तर प्रदेश के नन्द बाबा दुग्ध मिशन लखनऊ ने प्रदेश के 57 जिलों में नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना के तहत 25 स्वदेशी उन्नत नस्ल की गायों की इकाई स्थापित करने को किसान भाइयों को लाभ देने के लिए 14 अगस्त से 13 अगस्त तक ऑनलाइन आवेदन मांगा है। योजना के तहत तीन किस्तों में 31.25 लाख से 30.50 लाख का अनुदान देगी। यह जानकारी मंगलवार को प्रयागराज मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. शिव नाथ यादव ने दी।
किसान भाइयों व गौपालकों को अनुदान देकर आर्थिक स्थिति मजबूत करने में जुटी हुई है। शासन ने वित्तीय वर्ष 2025—26 नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना के तहत 25 स्वदेशी उन्नत नस्ल की गायों की इकाई स्थापित करने के लिए आवेदन मांगा है। किसान भाई और गौ पालक विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन 13 अगस्त तक आवेदन कर सकते है।
उन्होंने बताया कि इस योजना को उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद,मथुरा, मैनपुरी, हाथरस, एटा, कासगंज, हमीरपुर, चित्रकूट,महोबा,जालौन,ललितपुर,कानपुर देहात, फरूखाबाद, कन्नौज,औरेया, इटावा, रायबरेली, हरदोई,उन्नाव, लखीमपुर खीरी, सीतापुर,बलिया,मऊ,देवरिया, कुशीनगर,महराजगंज, बलरामपुर, बहराइच, श्रावस्ती, संतकबीरनगर, सिद्धार्थ नगर, कौशाम्बी, फतेहपुर, प्रतापगढ़, चन्दौली, जौनपुर,गाजीपुर, सोनभद्र, संतरविदास नगर भदोही, अमेठी, सुल्तानपुर,अम्बेडकर नगर, बाराबंकी,शाहजहांपुर, पीलीभीत, बदॉंयू, बिजनौर, अमरोहा, सम्भल, रामपुर,शामली, मुज्जफर नगर, बागपत, गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद, हापुड़, बुलन्दशहर में लागू किया है।
डॉ. यादव ने बताया कि इस योजना के तहत लाभार्थी अंश 15 प्रतिशत, बैंक ऋण 35 प्रतिशत तथा इकाई लागत का अधिकतम 50 प्रतिशत सरकार अनुदान देगी। योजना के तहत लाभार्थी को साहिवाल, गिर एवं थारपारकर एवं गंगा तीरी जिनकी अधिकतम संख्या 5 होनी चहिए। इस तरह कुल 25 गाय की इकाई स्थापित की जाएगी। सबसे महत्वपूर्ण यह है कि गाय का क्रय प्रदेश के बाहर से यथासंभव ब्रिडिंग ट्रैक्ट से लाभार्थी द्वारा किया जाएगा। इसके साथ यह भी अनिवार्य किया गया है कि गाय खरीदते समय यह आवश्यक है कि प्रथम या द्वितीय ब्यांत की होनी चाहिए तथा गोवंश डेढ़ माह से पूर्व ब्याय न हो।
जाने इकाई स्थापना के लिए क्या शर्ते हैं जरूरी
डॉ.शिवनाथ यादव ने बताया कि इकाई स्थापना के लिए लगभग 0.5 एकड़ भूमि और चारा उत्पादन के लिए 1.5 एकड़ भूमि होना आवश्यक है। यह भूमि स्वयं की, अथवा पैतृक अथवा न्यूनतम 7 वर्ष के लिए अनुबंध व किराए नामें पर ली गई हो। यह भी आवश्यक है कि जल भराव मुक्त जमीन होनी चाहिए।
उन्होंने बताया कि इस योजना का लाभ ऐसे लोगों को नहीं दिया जाएगा जो कामधेनु, मिनी कामधेनु,माइक्रो कामधेनु योजना अथवा नन्द बाबा दुग्ध मिशन के तहत संचालित नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना अथवा मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ—संवर्धन योजना के लाभार्थी है। ऐसे लोगों को पात्र नहीं माना जाएगा।
यहां करें आवेदन
इस योजना के संबंध में आवेदन नन्द बाबा दुग्ध मिशन पोर्टल https/nandbabadugdhmission.up.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन करना है। योजना के संबंध में विवरण उक्त पोर्टल पर उपलब्ध है। योजना की अधिक जानकारी के लिए मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी कार्यालय, उप दुग्धशाला विकास अधिकारी अथवा मुख्य विकास अधिकारी के कार्यालय से ली जा सकती है।