हत्या का दोष सिद्ध होने पर आजीवन कारावास की सजा

हत्या का दोष सिद्ध होने पर आजीवन कारावास की सजा

हत्या का दोष सिद्ध होने पर आजीवन कारावास की सजा

प्रयागराज, 15 जुलाई । मेजा थाने की पुलिस टीम की प्रभावी पैरवी की वजह से हत्या मामले के आरोपित को न्यायालय ने सोमवार की शाम आजीवन कारावास और पचास हजार रूपए के अर्थदंड से दंडित किया। यह जानकारी मंगलवार को पुलिस उपायुक्त यमुनानगर विवेक चन्द्र यादव ने दी।

उन्होंने बताया कि मेजा थाने में 22 अगस्त वर्ष 2022 में मेजा के इसौटा गांव निवासी रामधनी पुत्र शिवचरन के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था। वादी ने आरोप लगाया था कि उसके भाई की डूबो कर हत्या कर दी गई। अभियोग उपरोक्त में अभियुक्त के विरूद्ध 24 सितंबर 2022 को आरोप पत्र न्यायालय दाखिल किया गया । ऑपरेशन कनविक्शन के तहत मेजा पुलिस टीम ने धारा 302, 34 भारतीय दण्ड विधान के अभियुक्त के दोषसिद्धि करने में कामयाब हो गई ।

अभियोजन विभाग से समन्वय स्थापित करके समयबद्ध रूप से साक्षियों का साक्ष्य कराकर प्रभावी पैरवी किये जाने के फलस्वरुप सोमवार 14 जुलाई 2025 को न्यायालय विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कक्ष संख्या 3 प्रयागराज ने रामधनी पुत्र शिवचरन को धारा 302 भारतीय दण्ड विधान में आजीवन कारावास एवं 50,000 रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया ।